अजब-गजब: इनकी तो जिंदगी ही ‘रेड एंड व्हॉइट’ है

अजब गजब। जुनून है, तो जिंदगी है. ये उन लोगों का फलसफा है, जो दुनिया को अपनी शर्तों पर जीते हैं. ऐसे लोग समाज के सामने अपनी लकीर खिंचते हैं, अपनी अलग पहचान बनाते हैं.

ऐसे ही शख्स हैं बेंगलुरू के सेवनराज. इनका जुनून देखकर हर कोई कहता है OMG! अजब-गजब है मेरा इंडिया.

इनके रंगों की दिवानगी देखकर लोग रोमांचित हो जाते हैं. रियल इस्टेट बिजनेस चलाने वाले सेवनराज को रेड एंड व्हॉइट कलर इतना पसंद है कि वो और उनका परिवार इस कलर काम्बनेशन में पूरी तरह से रंगा हुआ है.

इनके कपड़े, गाड़ी, टूथब्रश, मोबाइल और घर की दीवारों से लेकर ऑफिस तक रेड एंड व्हॉइट कलर की थीम पर बनाए हैं.

53 साल के सफल व्यवसायी सेवनराज का ये शौक दक्षिण भारत जानेमाने पॉलीटिशियन एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) और महात्मा गांधी से प्रभावित है.

उन्होंने अपने लिए एक खास कलर कोड बनाने का निश्चय किया और वो सामने आया रेड एंड व्हॉइट के तौर पर.

रेड एंड व्हॉइट थीम के कारण वो आसानी से पहचान लिए जाते हैं. अपने बारे में बताते हुए सेवनराज ने कहा कि परिवार में भाई-बहनों के बीच वो 7वें नंबर पर थे. इसलिए उनके पिताजी ने उन्हें 7 (सेवन) नाम दिया, जो शायद ही किसी व्यक्ति का होगा.