अब जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी मध्यप्रदेश की संस्कृति से रू-ब-रू होंगे

इंदौर। मानव संसाधन विकास और केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए ‘स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम’ शुरू किया गया है, ताकि वे दूसरे राज्यों की संस्कृति जान सके। इसके तहत अंतरराज्यीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक भ्रमण का आयोजन किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों के 200 छात्र इंदौर और भोपाल आएंगे। इन्हें मप्र व शहर की संस्कृति से रूबरू करवाया जाएगा। अभी तक निजी स्कूलों व केंद्र सरकार के जवाहर नवोदय विद्यालयों में ही इस तरह के प्रोग्राम चलाए जाते हैं।

जम्मू-कश्मीर से आने वाले ये विद्यार्थी 8वीं-9वीं के हैं। इनमें से 100 भोपाल और 100 इंदौर में पांच दिन बिताएंगे। इनमें आधी छात्राएं हैं। ये विद्यार्थी 23 से 27 फरवरी तक इंदौर में रहेंगे। इनके साथ इंदौर, धार, खंडवा, बड़वानी और खरगोन के सरकारी स्कूलों के सौ छात्र-छात्राएं रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इनका चयन किया गया है। दोनों राज्यों के विद्यार्थी वैचारिक आदान-प्रदान कर सकें, ऐसी व्यवस्था की गई है।

आईआईटी-आईआईएम भी ले जाएंगे

पांच दिनी कार्यक्रम में इन विद्यार्थियों को मांडू, महेश्वर, एनटीपीसी डैम, ओंकारेश्वर जैसे पर्यटन स्थलों के साथ आईआईटी और आईआईएम भी ले जाएंगे। शहर में इन्हें ऐतिहासिक महत्व की जगह राजवाड़ा और लालबाग दिखाई जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। फिल्म भी दिखाई जाएगी।

तैनात होगा पुलिस बल

कश्मीरी विद्यार्थियों के साथ 10 शिक्षक भी आएंगे। छात्रों के रुकने की व्यवस्था मल्हार आश्रम में रहेगी जबकि छात्राओं के लिए जगह तलाशी जा रही है। आवास स्थल व भ्रमण के दौरान पुलिस जवान व महिला पुलिस को तैनात करने की योजना है। स्कूल शिक्षा विभाग इस संबंध में जल्द ही पुलिस अफसरों को बात करेगा।

तैयार कर रहे शेड्यूल

अंतरराज्यीय शैक्षणिक और सांस्कृतिक भ्रमण के तहत जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी 22 फरवरी की शाम या 23 की सुबह इंदौर आएंगे। पांच दिनी विजिट के लिए शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। सुरक्षा के लिए पुलिस जवानों की व्यवस्था करेंगे। -नरेंद्र जैन, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, स्कूल शिक्षा विभाग