Kachhua: दुर्लभ प्रजाति के 282 कछुए बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार
Kachhua: दुर्लभ प्रजाति के 282 कछुए बरामद, 2 तस्कर गिरफ्तार किए गए। यशवंतपुर एक्सप्रेस में दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की तस्करी कर रहे 2 तस्करों को इटारसी स्टेशन पर पकड़ा गया है। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और राजस्व खुफिया निदेशालय की विशेष टीम ने दबिश देकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार दोनों तस्कर यशवंतपुर एक्सप्रेस से इंडियन टेंट टर्टल प्रजाति के बच्चों को लखनऊ से चेन्नई लेकर जा रहे थे। भोपाल से आई विशेष टीम ने खुफिया ढंग से कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपितों से कछुओं की खेप बरामद की गई है। जांच में सामने आया है कि दोनों युवक पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। सोमवार को दोनों तस्करों को नर्मदापुरम के विशेष न्यायालय में पेश किया गया, यहां से उन्हें 7 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।
कछुओं को वन विभाग के हवाले किया
30 सितंबर को इस टीम ने मिले इनपुट के आधार पर इटारसी के अलावा नागपुर और चेन्नई में भी इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीआरआइ अधिकारियों ने बताया कि आपरेशन कच्छप चलाकर इटारसी, नागपुर, चेन्नई को मिलाकर अलग-अलग प्रजातियों के 955 जीवित कछुओं को तस्करों से बरामद करने में सफलता हासिल हुई है। तस्करी में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। टीम ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत प्रारंभिक जब्ती के बाद अपराधियों और कछुओं को आगे की जांच के लिए वन विभाग के हवाले किया है।
गिरोह ट्रेनों के जरिए कर रहा था सप्लाई
सूचना मिली थी कि गंगा के कछुओं की अवैध तस्करी और व्यापार में शामिल एक बड़ा गिरोह ट्रेनों के जरिए दूसरे महानगरों में इनकी सप्लाई कर रहा है, सूचना के बाद लगातार तस्करों के नेटवर्क का पीछा किया गया, गिरोह के कब्जे से इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन फ्लैपशेल, रेड क्राउन रूफ्ड टर्टल, ब्लैक पान्ड टर्टल और भूरी छत वाले कछुए बरामद किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि अवैध व्यापार और नदी किनारे होने वाले अवैध खनन से इन प्रजातियों पर खतरा मंडरा रहा है।
सरकार ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 में कछुओं को भी शामिल किया गया है। इन्हें पकड़ना, इनकी तस्करी और अवैध व्यापार पर 7 साल तक की कैद और न्यूनतम 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
एसटीआर में छोड़ा कछुओं को
इटारसी स्टेशन पर ट्रेन से बरामद हुए 282 कछुओं को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया है। यहां जिन दो तस्करों को पकड़ा गया, उनके नाम नरोत्तम और स्वप्न बताए गए हैं। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स भोपाल के डीसीएफ धीरज सिंह ने बताया कि इन आरोपितों से चार झोलों में 282 टर्टल कछुए जब्त किए गए, इनमें से दो की मौत हो चुकी थी। युवकों से पूछताछ के बाद कछुआ तस्करी मेें शामिल अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई कार्रवाई
कुछ साल पहले भी इसी तरह की कार्रवाई में विभागीय टीम ने दुर्लभ प्रजाति के कछुओं को बरामद किया था, दरअसल इन कछुओं को लोग मछली घर एक्वेरियम में रखते हैं, बड़े पैमाने पर इनकी तस्करी होती है। कीमत ज्यादा होने के कारण इनकी तस्करी की जाती है।