खोटे जेवर बेचने वालों को नोटिस- बढ़ा हॉलमार्किंग का महत्‍व

भोपाल। मध्यप्रदेश में हॉलमार्किंग का महत्‍व बढ गया है । भारतीय मानक ब्यूरो ने हाल ही में भोपाल-इंदौर सहित कुछ अन्य शहरों में 450 से अधिक हॉलमार्किंग के लाइसेंस जारी किए हैं। उधर भोपाल-इंदौर के जिन आभूषण विक्रेताओं के सेम्पल फेल हुए थे उन्हें ब्यूरो ने नोटिस थमा दिए हैं। हॉलमार्किंग सेंटर से भी जवाब तलब किया।

मानक ब्यूरो में पिछले कुछ महीनों से हॉलमार्किंग के लाइसेंस की पूछताछ एकाएक बढ़ गई है। प्रदेश के कई छोटे-बड़े शहरों के आभूषण विक्रेता भोपाल आकर हॉलमार्किंग लाइसेंस की पूछताछ करने लगे हैं। ब्यूरो के प्रदेश प्रमुख प्रीति भटनागर ने बताया कि ब्यूरो 450 से अधिक लाइसेंस जारी कर चुका है। बड़ी संख्या में दूसरे शहरों से भी लोग लाइसेंस के लिए आवेदन भेज रहे हैं। लेकिन, लाइसेंस लेने वालों में भोपाल-इंदौर के लोग ज्यादा हैं। उन्होंने बताया कि ब्यूरो में हॉलमार्किंग के लाइसेंस की पहली बार इतनी मांग सामने आई है।

बताया जाता है कि पिछले दिनों इस तरह की अफवाह उड़ गई थी कि अब बिना हॉलमार्किंग के स्वर्ण आभूषण नहीं बिकेंगे। इस कारण कारोबारियों ने पूछताछ शुरू कर दी। सोने के जेवरों पर 14, 18 और 22 कैरेट की शुद्धता की हॉलमार्किंग सील लगती है। ब्यूरो द्वारा 24 कैरेट अर्थात 99.9 प्रतिशत शुद्धता का सोना बेचने का लायसेंस सिर्फ गोल्ड रिफायनरीज को ही दिया जाता है। लायसेंसी जेवरों की शुद्धता परखने के लिए ब्यूरो ज्वेलर्स के यहां से सेम्पल भी लेता है।

ब्यूरो प्रमुख ने बताया कि पिछले दिनों भोपाल-इंदौर के जिन स्वर्ण आभूषण विक्रेताओं के सेम्पल फेल हुए हैं। उन्हें मानक ब्यूरो द्वारा नोटिस भेजे गए हैं। उन पर ब्यूरो द्वारा पेनाल्टी लगाई गई है। ब्यूरो ने 22 कारोबारियों के यहां से सेम्पल लिए थे जिनमें तीन ज्वेलर्स के यहां हॉलमार्किंग की सील वाले जेवरों में खोट पाई गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में हॉलमार्किंग सेंटर से भी जवाब तलब किया गया है।