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बंगाल में TMC को एक और बड़ा झटका: फलता सीट से प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से किया इनकार; सत्ता बदलने के बाद मुकाबला हुआ एकतरफा

बंगाल में TMC को एक और बड़ा झटका: फलता सीट से प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से किया इनकार; सत्ता बदलने के बाद मुकाबला हुआ एकतरफा

बंगाल में TMC को एक और बड़ा झटका: फलता सीट से प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से किया इनकार; सत्ता बदलने के बाद मुकाबला हुआ एकतरफा

बंगाल में TMC को एक और बड़ा झटका: फलता सीट से प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से किया इनकार; सत्ता बदलने के बाद मुकाबला हुआ एकतरफा।  पश्चिम बंगाल में हुए ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद भी राजनीतिक हलचलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इस वक्त की सबसे बड़ी खबर राज्य की बेहद चर्चित फलता विधानसभा सीट से सामने आ रही है। यहां तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक प्रत्याशी जहांगीर खान ने ऐन वक्त पर चुनाव लड़ने से पूरी तरह इनकार कर दिया है।

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बंगाल में TMC को एक और बड़ा झटका: फलता सीट से प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से किया इनकार; सत्ता बदलने के बाद मुकाबला हुआ एकतरफा

इस हाई-प्रोफाइल सीट पर आगामी 21 मई को दोबारा मतदान (Re-polling) होना तय हुआ था, लेकिन टीएमसी उम्मीदवार के इस कदम के बाद अब यहां का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गया है और मुकाबला एकतरफा माना जा रहा है।

धमकी की शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने रद्द किया था मतदान

दरअसल, फलता विधानसभा सीट को लेकर बीते दिनों भारी बवाल और विवाद देखने को मिला था। नियमित मतदान के दौरान चुनाव आयोग (Election Commission) को कई गंभीर शिकायतें मिली थीं कि टीएमसी कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा मतदाताओं को डराया-धमकाया जा रहा है और स्वतंत्र मतदान में बाधा डाली जा रही है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया और फलता सीट पर हुए मतदान को पूरी तरह रद्द घोषित कर दिया था। आयोग के नए शेड्यूल के मुताबिक, इस सीट पर आगामी 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाना है और 24 मई को चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। लेकिन वोटिंग से ठीक दो दिन पहले टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के मैदान छोड़ने से पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

ममता बनर्जी को व्यक्तिगत रूप से भारी नुकसान, 22 मंत्री भी हारे

पश्चिम बंगाल के इस हालिया विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस को अब तक का सबसे करारा और शर्मनाक झटका लगा है। ममता बनर्जी को न सिर्फ अपनी सत्ता से हाथ धोना पड़ा, बल्कि उन्हें व्यक्तिगत (Personallly) तौर पर भी भारी हार का सामना करना पड़ा।

इस चुनाव में टीएमसी के किले के ढहने के साथ ही ममता बनर्जी कैबिनेट के 22 मंत्रियों को भी अपनी-अपनी सीटों पर शिकस्त झेलनी पड़ी, जो पार्टी के इतिहास में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है।

ममता को दोबारा धूल चटाकर ‘जायंट किलर’ बने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी इस चुनाव में सबसे बड़े ‘जायंट किलर’ बनकर उभरे हैं। उन्होंने इस चुनाव में अद्वितीय प्रदर्शन करते हुए दो-दो विधानसभा सीटों से शानदार जीत दर्ज की:

ममता बनर्जी को लगातार दो बार चुनाव हराने और बीजेपी को बंगाल में प्रचंड बहुमत दिलाने का इनाम पार्टी आलाकमान ने शुभेंदु अधिकारी को दिया और उन्हें पश्चिम बंगाल की सत्ता की कमान सौंपते हुए मुख्यमंत्री बनाया। अब फलता सीट पर टीएमसी के पीछे हटने के बाद शुभेंदु सरकार की राजनीतिक पकड़ और मजबूत होती दिख रही है। बंगाल में TMC को एक और बड़ा झटका: फलता सीट से प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से किया इनकार; सत्ता बदलने के बाद मुकाबला हुआ एकतरफा

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