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अमेरिका-इरान जंग के बीच शहर में पेट्रोल डीजल संकट!, पंपों पर लगने लगी लंबी कतारें, लोग बोले कई जगह घूमने के बाद भी नहीं मिला पेट्रोल, पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा प्रशासन

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अमेरिका-इरान जंग के बीच शहर में पेट्रोल डीजल संकट!, पंपों पर लगने लगी लंबी कतारें, लोग बोले कई जगह घूमने के बाद भी नहीं मिला पेट्रोल, पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा प्रशास

कटनी। अमेरिका-इरान जंग के बीच एक तरफ प्रशासन दावा कर रहा है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। वहीं दूसरी तरफ जमीनी हालात कुछ और कहानी बयां कर रहे हैं। जिला मुख्यालय में कई पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल उपलब्ध नहीं होने की स्थिति सामने आई है। इससे लोग घंटों तक भटकने को मजबूर हैं। शहर में सुबह से ही कई पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारें दिखाई दीं। कुछ लोग एक पंप से दूसरे पंप तक घूमते रहे लेकिन उन्हें पेट्रोल नहीं मिल पाया। यशभारत डाट काम की टीम ने मौके पर पहुंचकर लोगों से बातचीत की और जमीनी हालात को समझने की कोशिश की, बातचीत में लोगों की नाराजगी और परेशानी साफ दिखाई दी।

जिले में एक सैकड़ा से अधिक पेट्रोल पंप, फिर भी बढ़ रही परेशानी

आंकड़ों के अनुसार पूरे जिले में एक सैकड़ा से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं। वहीं जिला मुख्यालय में लगभग 20 पेट्रोल पंप हैं लेकिन इनमें से 5 से अधिक पंपों पर पेट्रोल आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। यही वजह है कि बाकी बचे पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई और स्थिति अव्यवस्थित होती दिखाई दी।

ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान कई लोगों ने साझा की अपनी परेशानी

यशभारत डाट काम की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान एक व्यक्ति ने बताया तीन जगह गया, कहीं पेट्रोल नहीं मिला। एक बाइक सवार ने बताया सुबह से तीन पंप घूम चुका हूं, हर जगह पेट्रोल खत्म बताया जा रहा है। एक अन्य वाहन चालक ने कहा लोगों में डर है कि कहीं पूरी तरह पेट्रोल खत्म न हो जाए, इसलिए कई लोग जरूरत से ज्यादा भरवा रहे हैं। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों में भीड़ और ज्यादा बढ़ रही है।

प्रशासन का दावा पेट्रोल और गैस की आपूर्ति सामान्य

इस पूरे मामले के बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कमी नहीं है। जिले के कलेक्टर आशीष तिवारी ने खाद्य विभाग, गैस एजेंसियों और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर स्थिति की समीक्षा भी समय-समय पर कर रहे हैं। इन बैठकों में शामिल होने वाले आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल के अधिकारियों के द्धारा भी तेल कंपनियों की ओर से पर्याप्त आपूर्ति करने का दावा किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार आपूर्ति में समस्या नहीं है बल्कि कुछ मामलों में डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर डिमांड भेजने में देरी के कारण अस्थायी विलंब हुआ है।

कलेक्टर का सख्त संदेश

प्रशासन ने साफ कहा है कि किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर आशीष तिवारी ने निर्देश दिए कि पेट्रोल पंपों पर सीसीटीवी कैमरे 24 घंटे चालू रहें। स्टॉक और वितरण की नियमित निगरानी हो, प्रतिदिन फील्ड निरीक्षण किया जाए और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक पर्याप्त आपूर्ति पहुंचे। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि किसी एजेंसी में अनियमितता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जरीकेन में पेट्रोल/डीजल पर भी सख्ती

जिला प्रशासन के द्धारा पेट्रोल और डीजल के वितरण को लेकर नए निर्देश भी जारी किए गए हैं। अब सामान्य परिस्थितियों में जरीकेन में पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। हालांकि कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए कुछ छूट दी गई है। यदि कोई किसान ट्रैक्टर के लिए जरीकेन में डीजल लेने आता है तो ट्रैक्टर के दस्तावेज दिखाने होंगे। वाहन मालिक का नाम और पता दर्ज किया जाएगा। केवल 15 से 20 लीटर तक डीजल दिया जाएगा। इसी प्रकार निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली मशीनों के लिए भी संबंधित दस्तावेज और सत्यापन जरूरी होगा।

अफवाहों से भी बढ़ रही समस्या

जमीनी स्तर पर कई लोग मान रहे हैं कि वास्तविक कमी से ज्यादा असर अफवाहों का पड़ रहा है। जैसे ही कुछ पंपों पर पेट्रोल खत्म होने की जानकारी फैली, लोगों ने एहतियात के तौर पर ज्यादा मात्रा में पेट्रोल भरवाना शुरू कर दिया। इससे कुछ जगहों पर अचानक दबाव बढ़ गया और उपलब्ध स्टॉक जल्दी खत्म होने लगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी स्थिति में घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी समस्या को और बढ़ा देती है।

पेट्रोल पंप संचालकों के सामने चुनौती

एक तरफ ग्राहकों की भीड़ है तो दूसरी तरफ वितरण व्यवस्था को संतुलित रखना भी चुनौती बन गया है। पेट्रोल पंप संचालकों को सीमित समय में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को संभालना पड़ रहा है। कई जगह कर्मचारियों को लगातार लोगों को समझाना पड़ रहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है और आपूर्ति जल्द सामान्य होगी।

स्पष्ट जानकारी दे प्रशासन, लोगों की मांग

ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह रही कि उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है कि किस पंप पर पेट्रोल उपलब्ध है और कहां नहीं। लोगों का कहना है कि प्रशासन या संबंधित विभाग को नियमित अपडेट जारी करना चाहिए ताकि लोगों को बिना वजह भटकना न पड़े।

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