
भारत में Amazon का निवेश: अगले 5 साल में लगाएगी 48 अरब डॉलर; AI और क्लाउड पर फोकस, 2030 तक मिलेंगी 38 लाख नौकरियां
नई दिल्ली। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और युवाओं के रोजगार को एक नई रफ्तार मिलने जा रही है। दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक अमेजन (Amazon) अगले पांच वर्षों में भारत में 48 अरब डॉलर (लगभग $4,000\text{ अरब रुपये}$ से अधिक) का भारी-भरकम निवेश करने जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी दौरे के दौरान अमेजन के सीईओ एंडी जैसी के साथ हुई इस शानदार बैठक की जानकारी साझा की। पीएम मोदी ने कहा कि अमेजन का यह ऐतिहासिक निवेश भारत के युवाओं के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा और यह साबित करता है कि दुनिया भर की दिग्गज कंपनियां भारत में निवेश करने के लिए लगातार उत्साहित हैं।
AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे 21 अरब डॉलर
अमेजन के सीईओ एंडी जैसी ने पीएम मोदी के साथ हुई इस मुलाकात को बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक बताया। उन्होंने निवेश का ब्लूप्रिंट साझा करते हुए बताया कि कंपनी इस भारी-भरकम फंड को कहां और कैसे इस्तेमाल करेगी:
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डिजिटल क्रांति पर फोकस: कुल 48 अरब डॉलर के निवेश में से 21 अरब डॉलर से ज्यादा का हिस्सा अकेले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर (Cloud Infrastructure) के विकास पर खर्च किया जाएगा।
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अमेजन का भारत में एक दशक: एंडी जैसी ने कहा कि कंपनी पिछले 10 सालों से भारत के ग्राहकों, छोटे विक्रेताओं, डेवलपर्स और स्टार्टअप्स को सेवाएं दे रही है और अब इस कारोबारी रिश्ते को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वक्त आ गया है।
2030 तक 38 लाख नौकरियों को सपोर्ट और निर्यात का बड़ा टारगेट
अमेजन के इस मेगा प्लान से न सिर्फ तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत के छोटे व्यापारियों को भी सीधा फायदा पहुंचेगा। कंपनी ने देश के आर्थिक विकास को लेकर दो बड़े दावे किए हैं: भारत में Amazon का निवेश: अगले 5 साल में लगाएगी 48 अरब डॉलर; AI और क्लाउड पर फोकस, 2030 तक मिलेंगी 38 लाख नौकरियां
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रोजगार के नए अवसर: अमेजन के इस निवेश के जरिए वर्ष 2030 तक भारत में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 38 लाख नौकरियों को सपोर्ट मिलेगा। विशेष रूप से नई टेक्नोलॉजी आधारित सेक्टर्स में युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेंगे।
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₹80 अरब डॉलर का ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट: कंपनी ने भारत से 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात (Export) को बढ़ावा देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इससे भारत के छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं (MSMEs) और दस्तकारों को अपने प्रॉडक्ट्स सीधे वैश्विक बाजार (Global Market) में बेचने का मौका मिलेगा।








