इलाहाबाद हाई कोर्ट ने FIR में केंद्रीय मंत्री के नाम से ‘माननीय’ उपाधि न लिखने पर स्पष्टीकरण मांगा
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने FIR में केंद्रीय मंत्री के नाम से ‘माननीय’ उपाधि न लिखने पर स्पष्टीकरण मांगा
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने FIR में केंद्रीय मंत्री के नाम से ‘माननीय’ उपाधि न लिखने पर स्पष्टीकरण मांगा, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) से मथुरा में दर्ज FIR में केंद्रीय मंत्री के नाम के आगे ‘माननीय’ (Hon’ble) उपाधि न लिखे जाने के कारण स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने कहा कि भले ही शिकायतकर्ता ने इसका उल्लेख न किया हो, FIR लिखते समय प्रोटोकॉल का पालन करना पुलिस का कर्तव्य है।
आदेश 31 मार्च 2026 को पारित हुआ।जजेस: जे.जे. मुनीर और तरुण सक्सेना।
अगली सुनवाई: 6 अप्रैल 2026।
कोर्ट ने पूछा कि मंत्री के नाम के आगे ‘माननीय’ और ‘श्री’ शब्द क्यों नहीं जोड़े गए।
याचिका हर्षित शर्मा और अन्य द्वारा FIR रद्द करने के लिए दायर की गई थी। यह कदम FIR में सरकारी प्रोटोकॉल और सम्मानजनक संबोधन सुनिश्चित करने के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।