Air Fare Hike 2026: हवाई सफर करने वालों को बड़ा झटका! एयर इंडिया और इंडिगो काटने जा रही हैं सैकड़ों उड़ानें; आसमान छू सकता है किराया
यदि आप आने वाले दिनों में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर भारी बोझ पड़ने वाला है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में $8\%$ के उछाल के बाद अब इसका सीधा असर आसमान पर भी दिखने लगा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF/जेट फ्यूल) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
इस वित्तीय दबाव के कारण देश की प्रमुख एयरलाइंस एयर इंडिया और इंडिगो ने अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में $5\%$ से लेकर $22\%$ तक की भारी कटौती (Rationalization) करने का एलान किया है। उड़ानों की संख्या घटने और जेट फ्यूल की बढ़ती लागत के कारण आने वाले दिनों में हवाई किरायों (Air Fare) में भारी बढ़ोतरी होना तय माना जा रहा है।
एयर इंडिया (Air India): घरेलू उड़ानों में 22% और अंतरराष्ट्रीय रूट्स में 27% की बड़ी कटौती
टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया इस समय जेट फ्यूल की आसमान छूती कीमतों के कारण भारी वित्तीय घाटे से गुजर रही है। सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में एयर इंडिया को SGD 3.56 बिलियन (₹26,700 करोड़ से ज्यादा) का भारी नुकसान हुआ है।
इसी घाटे को कम करने के लिए एयर इंडिया ने बड़े कदम उठाए हैं:
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घरेलू उड़ानों में कटौती: एयर इंडिया अपनी लगभग 3,600 साप्ताहिक घरेलू उड़ानों में $20\%$ से $22\%$ तक की अस्थायी कटौती कर रही है, जिसका मतलब है कि हर हफ्ते 790 से अधिक उड़ानें रद्द रहेंगी। यह व्यवस्था जून से अगस्त 2026 के बीच लागू रहेगी।
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अंतरराष्ट्रीय रूट्स सस्पेंड: एयरलाइन ने अपनी अंतरराष्ट्रीय क्षमता में भी $27\%$ की कमी की है। अगस्त तक दिल्ली-शिकागो, दिल्ली-न्यूयॉर्क, मुंबई-न्यूयॉर्क, दिल्ली-शंघाई, चेन्नई-सिंगापुर, मुंबई-ढाका और दिल्ली-माले जैसे 7 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी।
इंडिगो (IndiGo) भी घटाएगी अपनी क्षमता
देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो भी जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही के दौरान अपनी घरेलू उड़ानों की क्षमता में $5\%$ की कमी करने जा रही है।
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हर रोज करीब 2,200 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो के इस फैसले से रोजाना लगभग 110 उड़ानें कम होंगी।
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एयरलाइन का मानना है कि गर्मियों की छुट्टियों के बाद का मौसम पारंपरिक रूप से सुस्त रहता है, और बढ़ती महंगाई के कारण लोग गैर-जरूरी यात्राओं पर खर्च घटा रहे हैं।
ऑपरेशनल कॉस्ट में फ्यूल की हिस्सेदारी 40%, क्यों बढ़ीं कीमतें?
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी एयरलाइन की कुल ऑपरेशनल कॉस्ट (परिचालन खर्च) में $40\%$ हिस्सेदारी अकेले जेट फ्यूल (ATF) की होती है।
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कच्चे तेल और डॉलर का असर: ईरान संघर्ष की वजह से ग्लोबल एनर्जी मार्केट बाधित हुआ है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, जिससे एटीएफ महंगा हो गया है। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये ने एयरलाइंस की कमर तोड़ दी है।
Air Fare Hike 2026: हवाई सफर करने वालों को बड़ा झटका! एयर इंडिया और इंडिगो काटने जा रही हैं सैकड़ों उड़ानें; आसमान छू सकता है किराया
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मौजूदा दरें: वर्तमान में दिल्ली में डोमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए जेट फ्यूल के दाम ₹1,04,927 प्रति किलोलीटर हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए इसमें $5.33\%$ का इजाफा कर इसे 1511.86 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोलीटर कर दिया गया है।
सरचार्ज बढ़ने से कई रूट्स पर पहले ही दोगुना हुआ किराया
फ्यूल की मार से बचने के लिए एयरलाइंस ने टिकटों पर ‘फ्यूल सरचार्ज’ लगाना शुरू कर दिया है, जिससे कई रूट्स पर किराया पहले ही दोगुना हो चुका है:
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घरेलू उड़ानों पर सरचार्ज: एयर इंडिया ने दूरी के आधार पर नया सिस्टम लागू किया है। 500 किमी से कम की दूरी पर ₹299 और 2,000 किमी से अधिक की दूरी वाले रूट्स के लिए ₹899 तक का अतिरिक्त सरचार्ज वसूला जा रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर मार: कच्चे तेल की कीमतों के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सरचार्ज में ₹2,200 से लेकर ₹26,000 तक की भारी बढ़ोतरी की गई है।
उड़ानों में इस कटौती से सीटों की सप्लाई सीमित हो जाएगी और मांग बढ़ने पर एयरलाइंस को मनमाना किराया वसूलने की और अधिक गुंजाइश मिल जाएगी।

