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Ahoi ashatami 8 November: संतान की लंबी आयु के लिए कल अहोई माता का व्रत

कटनी। Ahoi ashatami 8 November संतान की लंबी आयु एवं सुख-समृद्धि के लिए रविवार को अहोई माता की पूजा व व्रत किया जाएगा। अहोई अष्टमी कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 8 नवंबर को है।

अष्टमी तिथि सुबह 7:29 बजे से प्रारम्भ होगी, जो 9 नवंबर को सुबह 6:51 बजे तक रहेगी। 8 नवंबर की शाम 5:26 बजे से शाम 6:46 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा, अर्थात पूजा की अवधि 1 घंटा 19 मिनट की है। अहोई अष्टमी का काफी महत्व होता है।

इस दिन माताएं अपनी संतानों के लिए निर्जला उपवास रखती हैं और उनके कल्याण व लंबी उम्र की कामना करती हैं। रात को तारे देखने के बाद ही व्रत खोला जाता है। जो महिलाएं निसंतान हैं, वह भी संतान प्राप्ति की इच्छा के साथ इस व्रत को करती हैं।

ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा ने बताया कि अहोई अष्टमी के दिन व्रत रखने से संतान के कष्टाें का निवारण होता है एवं उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

ऐसा माना जाता है कि जिन माताओं की संतान को शारीरिक कष्ट हो, स्वास्थ्य ठीक न रहता हो ताे माताओं द्वारा विधि-विधान से अहोई माता की पूजा-अर्चना व व्रत करने से संतान को विशेष लाभ होता है।

ऐसे करें पूजन

अहोई अष्टमी के व्रत वाले दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। अहोई माता की पूजा के लिए दीवार पर या कागज पर गेरू से अहोई माता का चित्र बनाया जाता है। साथ ही सेह माता और उसके सात बेटों का चित्र भी उकेरा जाता है। शाम के समय पूजन के लिए अहोई माता के चित्र के सामने एक चौकी रखकर उस पर जल से भरा कलश रखना चाहिए। इसके बाद रोली-चावल से माता की पूजा करना चाहिए। भोग में मीठे पुए या आटे का हलवा लें। स्वास्तिक बना कर हाथ में गेंहू के सात दाने लेकर अहोई माता की कथा सुननी चाहिए। इसके बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत संपन्न करना चाहिए।

 

 

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