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आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क,आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने साधुराम स्कूल में हुआ मॉक ड्रिल,राहत, बचाव एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं का किया गया पूर्वाभ्यास, अग्निशमन एवं एसडीआरएफ टीम ने समन्वय के साथ निभाई भूमिका

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आपदा प्रबंधन एवं नागरिक सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क,आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने साधुराम स्कूल में हुआ मॉक ड्रिल,राहत, बचाव एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं का किया गया पूर्वाभ्यास, अग्निशमन एवं एसडीआरएफ टीम ने समन्वय के साथ निभाई भूमिका

 

कटनी  – आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा, त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के साथ ही आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से बुधवार सायंकाल साधुराम स्कूल परिसर में बुधवार शाम 5 बजे से वृहद स्तर पर मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) आयोजित किया गया। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन एवं निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास के माध्यम से आगजनी जैसी आकस्मिक स्थिति में राहत, बचाव, उपचार एवं निकासी व्यवस्थाओं का व्यवहारिक परीक्षण किया गया।

 

मॉक ड्रिल के दौरान साधुराम स्कूल परिसर के ऊपरी हिस्से में ब्लास्ट होने के कारण भीषण आग लगने की काल्पनिक आपात स्थिति निर्मित की गई। कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त होते ही नगर पालिक निगम कटनी का अग्निशमन अमला, एसडीआरएफ   की टीम, एवं अतिक्रमण विभागों की टीमें आवश्यक संसाधनों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया गया।

 

अभ्यास के दौरान फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर नियंत्रण पाने की कार्यवाही की गई, वहीं एसडीआरएफ एवं बचाव दल द्वारा प्रभावित व्यक्तियों को स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित रूप से बाहर निकालने की कार्यवाही की जाकर प्राथमिक उपचार प्रदान करने का प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल में आपातकालीन निकासी, राहत समन्वय, त्वरित संचार व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों के बीच तालमेल का व्यावहारिक परीक्षण भी किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा बताया गया कि इस प्रकार के मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल विभागीय तैयारियों को परखना ही नहीं, बल्कि आमजन एवं विद्यार्थियों में भी आपदा प्रबंधन एवं सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता विकसित करना है। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, संयम एवं त्वरित निर्णय क्षमता ही प्रभावी बचाव का आधार बनती है। नगर निगम के अग्निशमन दल द्वारा आग लगने के प्रमुख कारणों, विद्युत शार्ट सर्किट, गैस रिसाव एवं अन्य दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। साथ ही फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग एवं प्राथमिक सुरक्षा उपायों का लाइव डेमो प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

 

निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देशन में आयोजित इस मॉकड्रिल में प्रशासनिक तैयारियों, विभागीय समन्वय एवं संसाधनों की उपलब्धता का व्यापक परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आपदा प्रबंधन से संबंधित इस प्रकार के नियमित अभ्यास भविष्य में किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

 

अभ्यास के दौरान प्लाटून कमांडर एसडीआरएफ श्वेता गुप्ता, फायर प्रभारी एवं नगर निगम उपयंत्री मृदुल श्रीवास्तव, फायर इंचार्ज शैलेन्द्र दुबे सहित नगर निगम के फायर अमले एवं एसडीआरएफ की टीम उपस्थित रही।

 

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