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कटनी में बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट; कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए साफ-सफाई, बिजली और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लंबित आवेदनों पर सख्त प्रशासन, पंचायत सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश

लंबित आवेदनों पर सख्त प्रशासन, पंचायत सचिवों पर कार्रवाई के निर्देश

कटनी में बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट; कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए साफ-सफाई, बिजली और सुरक्षा के कड़े निर्देश।  जिले में आगामी मुस्लिम पर्व ईद-ए-अजहा (बकरीद) को शांति, सौहार्द और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। त्योहार के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

MP News: कटनी में बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट; कलेक्टर आशीष तिवारी ने दिए साफ-सफाई, बिजली और सुरक्षा के कड़े निर्देश

27 या 28 मई को मनाया जाएगा त्योहार; सुबह होगी नमाज

चांद दिखने के आधार पर ईद-उल-अजहा का पर्व बुधवार 27 मई या गुरुवार 28 मई को मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर पर कटनी जिले की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक विशेष नमाज अदा की जाएगी।

नमाज स्थलों पर चमचमाएंगी व्यवस्थाएं, गड्ढे भरने के निर्देश

कलेक्टर श्री तिवारी ने नगर निगम सहित अन्य संबंधित विभागों को नमाज स्थलों और उसके आसपास के क्षेत्रों में चाक-चौबंद व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं:

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात

बकरीद के मौके पर शहर की कानून व्यवस्था और ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी नगर पुलिस अधीक्षक (CSP), संबंधित थाना प्रभारियों और यातायात पुलिस को सौंपी गई है।

कलेक्टर का निर्देश: “जिले के सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहेंगे और सुरक्षा व यातायात व्यवस्था की कमान खुद संभालेंगे। इसके अलावा कब्रिस्तानों में भी साफ-सफाई, प्रकाश और पानी की मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी।”

ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी पंचायत विभाग को, होंगी शांति समिति की बैठकें

शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित मस्जिदों और नमाज स्थलों पर व्यवस्थाएं संभालने का जिम्मा पंचायत विभाग को दिया गया है।

कलेक्टर श्री तिवारी ने जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों (SDM) को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में तत्काल शांति समिति (Peace Committee) की बैठकें आयोजित करें। इन बैठकों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, आयोजक समितियों और समाज के गणमान्य नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित कर आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

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