सिंगरौली(YASHBHARAT.CO)। न्याय के मंदिर में आखिरकार सत्य की विजय हुई और फर्जी मुकदमे की नींव भरभराकर गिर पड़ी। समता स्वर समाचार के सम्पादक/प्रकाशक अम्र्बेश कुमार दुबे एवं स्थानीय सम्पादक ज्ञानेन्द्र प्रसाद प्रजापति को न्यायालय सरई के न्यायाधीश हर्षवर्धन राठौर ने 07 अगस्त 2025 को दोषमुक्त घोषित किया। इस ऐतिहासिक फैसले ने न केवल पत्रकारों को राहत दी बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि झूठ और षड्यंत्र के सामने सत्य अंततः विजयी होता है।
मामला 27 मार्च 2021 का है, जब तत्कालीन एसडीएम एवं संयुक्त कलेक्टर (भू-अर्जन अधिकारी) देवसर विकास कुमार सिंह, तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों ने कथित रूप से मनगढ़ंत, कूटरचित एवं षड्यंत्रकारी शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि यह पूरा प्रकरण पूर्व नियोजित साजिश के तहत रचा गया था, जिससे पत्रकारों की आवाज दबाई जा सके। इस झूठे मामले में पांच वर्ष चार माह तक दोनों पत्रकारों को आर्थिक, मानसिक, सामाजिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
पत्रकारों का कहना है कि फरियादी विकास कुमार सिंह ने न्यायिक प्रक्रिया के दौरान भी दो बार न्यायालय को गुमराह किया और गलत जानकारी प्रस्तुत की। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी, उप निरीक्षक, एसडीएम रीडर, चपरासी और पटवारी सहित कई लोग शामिल रहे, जिन्होंने फर्जी मुकदमा कायम करने में भूमिका निभाई।
दोषमुक्ति के बाद अम्र्बेश कुमार दुबे और ज्ञानेन्द्र प्रसाद प्रजापति ने स्पष्ट कहा कि अब समय आ गया है कि इन सभी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उक्त अधिकारियों, राज्य सरकार और प्रशासन की होगी।
उन्होंने समस्त राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, सामाजिक संगठनों एवं देशभर के पत्रकारों से अपील की है कि ऐसे लोकसेवकों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग उठाएं और इस प्रकरण को व्यापक रूप से प्रकाशित करें, ताकि आने वाले समय में किसी भी पत्रकार को सत्ता या प्रशासनिक दबाव में अन्याय न सहना पड़े।
यह फैसला केवल दो पत्रकारों की व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों और न्यायपालिका की निष्पक्षता की भी विजय है। इसने यह संदेश दिया है कि चाहे सत्ता कितनी भी ताकतवर क्यों न हो, यदि आप सत्य के साथ हैं तो अंततः न्याय आपके पक्ष में खड़ा होगा।

