
बिजनेस डेस्क: देश के एविएशन सेक्टर (Aviation Sector) की तस्वीर बदलने के लिए अडानी ग्रुप ने एक मेगा प्लान तैयार किया है। ग्रुप अगले पांच सालों में हवाई अड्डों के विस्तार और विकास पर ₹90,000 करोड़ से ₹1,00,000 करोड़ तक का भारी-भरकम निवेश करने जा रहा है। इस महा-योजना के साथ ही गुजरात के औद्योगिक केंद्र मुंद्रा (Mundra) से आम यात्रियों के लिए कमर्शियल उड़ानें भी आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई हैं।
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के डायरेक्टर जीत अडानी ने मुंद्रा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल के उद्घाटन के दौरान इस भव्य निवेश योजना की पूरी रूपरेखा पेश की।
मुंद्रा से कनेक्टिविटी का नया दौर: मुंबई-गोवा जाना हुआ आसान
मुंद्रा देश का एक बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब है, लेकिन अब तक यहां से सफर करना काफी थकाऊ और समय लेने वाला था। जीत अडानी के मुताबिक, पहले मुंद्रा से मुंबई जाने वाले यात्रियों को कई स्टॉपेज से गुजरना पड़ता था।
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स्टार एयर (Star Air) से साझेदारी: इस नई शुरुआत के तहत स्टार एयर के साथ मिलकर सीधी फ्लाइट सर्विस शुरू की गई है।
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प्रमुख शहरों से जुड़ाव: शुरुआत में मुंद्रा से मुंबई, गोवा, सूरत और हिंडन (NCR) के लिए रीजनल फ्लाइट्स मिलेंगी। जल्द ही इस नेटवर्क में अहमदाबाद को भी जोड़ दिया जाएगा।
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‘उड़ान’ योजना का हाथ: सरकार की ‘UDAN’ (Ude Desh ka Aam Nagrik) योजना के तहत मिली मंजूरियों के कारण ही इस कनेक्टिविटी को जमीनी स्तर पर उतारना संभव हो पाया है।
कच्छ में पर्यटन को लगेंगे पंख
इस सीधी हवाई कनेक्टिविटी से न केवल बिजनेस क्लास को फायदा होगा, बल्कि कच्छ क्षेत्र में पर्यटन (Tourism) को भी भारी बढ़ावा मिलेगा। अब पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध मांडवी बीच और कच्छ के स्थानीय सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंचना बेहद आसान और समय बचाने वाला हो जाएगा। अडानी ग्रुप करेगा ₹1 लाख करोड़ का निवेश, मुंद्रा से कमर्शियल उड़ानें शुरू
5 साल का मेगा मास्टर प्लान: वर्ल्ड-क्लास बनेंगे एयरपोर्ट्स
अडानी ग्रुप हवाई अड्डों के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए बेहद आक्रामक रणनीति पर काम कर रहा है।
बड़ी खासियतें:
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₹1 लाख करोड़ का फंड: यह पूरा फंड अडानी ग्रुप के सभी मौजूदा एयरपोर्ट्स को विश्वस्तरीय (World-Class) बनाने के लिए खर्च होगा।
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बड़े विमानों के लिए तैयार रनवे: मुंद्रा एयरपोर्ट का रनवे वर्तमान में भी A320 और Boeing 737 जैसे बड़े नैरो-बॉडी विमानों को संभालने में पूरी तरह सक्षम है। मांग बढ़ने पर यहां से बड़े विमानों का संचालन भी शुरू हो जाएगा।
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फ्यूचर-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर: भविष्य के विस्तार के लिए एयरपोर्ट के पास पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, जिससे आने वाले समय में यह पूरा इलाका एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक और बिजनेस हब में तब्दील हो जाएगा।








