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‘CID’ के निर्माता बीपी सिंह के निधन से टूटे ‘एसीपी प्रद्युम्न’, शिवाजी साटम बोले- “मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय खत्म हो गया”

'CID' के निर्माता बीपी सिंह के निधन से टूटे 'एसीपी प्रद्युम्न', शिवाजी साटम बोले- "मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय खत्म हो गया"

'CID' के निर्माता बीपी सिंह के निधन से टूटे 'एसीपी प्रद्युम्न', शिवाजी साटम बोले- "मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय खत्म हो गया"

‘CID’ के निर्माता बीपी सिंह के निधन से टूटे ‘एसीपी प्रद्युम्न’, शिवाजी साटम बोले- “मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय खत्म हो गया”

मुंबई: भारतीय टीवी इंडस्ट्री के दिग्गज निर्माता-निर्देशक बीपी सिंह (बृजेंद्र पाल सिंह) के निधन से पूरे मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। लोकप्रिय क्राइम शो ‘सीआईडी’ और खौफनाक हॉरर सीरीज ‘आहट’ जैसे यादगार शोज देने वाले बीपी सिंह का 27 अक्टूबर 2026 को हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया।

उनके जाने से उन कलाकारों को गहरा सदमा पहुंचा है, जिन्होंने सालों तक उनके साथ काम किया। ‘सीआईडी’ में दो दशकों से अधिक समय तक ‘एसीपी प्रद्युम्न’ का आइकॉनिक किरदार निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता शिवाजी साटम ने बीपी सिंह को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी।

“कैमरे के सामने अभिनय की बारीकियां उन्होंने ही सिखाईं”

शिवाजी साटम ने एक साक्षात्कार में अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा:

“आज मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय खत्म हो गया। वह एक महान इंसान और बहुत अच्छे दोस्त थे। मैं थिएटर की दुनिया से आया था और मंच पर अभिनय करना जानता था, लेकिन कैमरे के सामने किस तरह प्रभावशाली अभिनय करना है, यह मुझे बीपी सिंह ने सिखाया।”

शिवाजी ने उन्हें एक बेहतरीन शिक्षक और मार्गदर्शक बताया, जिन्होंने उनके करियर की दिशा बदल दी।

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शिवाजी साटम ने बीपी सिंह के काम के प्रति दीवानगी और जुनून का एक हैरान कर देने वाला किस्सा साझा किया:

 

 

“दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा सम्मान”

शिवाजी साटम ने बीपी सिंह के लिए पद्मश्री सम्मान दिए जाने की इच्छा जताई। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि बीपी सिंह कभी पुरस्कारों के पीछे नहीं भागे। वह अक्सर कहते थे— “जब दर्शकों का प्यार साथ है, तो पुरस्कारों से क्या फर्क पड़ता है।”

एफटीआईआई से लेकर ‘सीआईडी’ तक का ऐतिहासिक सफर

बीपी सिंह का निधन भारतीय टेलीविजन के एक ऐसे युग का अंत है, जिसकी छाप दर्शकों के दिलों पर हमेशा बनी रहेगी।

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