ओडिशा के मयूरभंज में संदिग्ध कोड वाला कबूतर मिलने से सनसनी: पैर की रिंग पर लिखा ‘BAN-2026’, पुलिस और वन विभाग जांच में जुटे
मयूरभंज/भोपाल। ओडिशा के मयूरभंज जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के बेतनटी ब्लॉक अंतर्गत बैशिंगा थाना क्षेत्र के कषीपदा गांव में संदिग्ध कोड वाली धातु की रिंग पहने एक कबूतर मिला है। कबूतर के पैर में लगी नीले रंग की पीतल जैसी धातु की रिंग पर ‘BAN-2026’ और ‘701831’ कोड दर्ज है।
अजीबोगरीब कोड और ‘BAN’ लिखे होने के कारण इलाके में जासूसी और सीमा पार कनेक्शन की आशंका को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग ने कबूतर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
कैसे पकड़ा गया संदिग्ध कबूतर?
घटना के अनुसार, कषीपदा गांव के निवासी हरिश चंद्र पुहान के घर के पास परिजनों ने इस कबूतर को देखा:
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संदेह की वजह: कबूतर के पैर में लगी विशेष धातु की रिंग पर बने कोड और नंबर पर जब परिजनों की नजर पड़ी, तो मामला संदेहास्पद लगा।
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पुलिस को सौंपा: हरिश चंद्र के बेटे श्रीकाश पुहान ने मुस्तैदी दिखाते हुए कबूतर को सुरक्षित पकड़ा और तुरंत बैशिंगा पुलिस थाने जाकर अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया।
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अधिकारियों की जांच: बेतनटी एसडीपीओ मिनती बिश्वाल और बैशिंगा थाना प्रभारी बाबाशंकर सराफ ने मौके पर पहुंचकर रिंग और उस पर अंकित नंबरों का बारीकी से निरीक्षण किया।
जासूसी या पिजन रेसिंग? उठ रहे सवाल
शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह कबूतर पड़ोसी देश बांग्लादेश की ओर से उड़कर आया हो सकता है। हालांकि, अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह किसी ‘पिजन रेसिंग’ (कबूतर दौड़) या पक्षी टैगिंग रिसर्च का हिस्सा है, या फिर इसके पीछे कोई सुरक्षा संबंधी साजिश है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध और टैग लगे कबूतर पकड़े जा चुके हैं। फिलहाल, पूरा गांव पुलिस और वन विभाग की अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। 18 सितंबर को गुरु-चंद्रमा का दुर्लभ ‘राशि परिवर्तन योग’: इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा धनलाभ








