सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी का प्राकट्य दिवस पर हुआ ब्रह्द वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित

सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी का प्राकट्य दिवस पर हुआ ब्रह्द वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजि

कटनी-मानव सभ्यता एवं संस्कृति के विकास, राष्ट्र की प्रगति और खुशहाली में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सृष्टि की रचना जल, पृथ्वी, अग्नि, आकाश और वायु इन पंच तत्वों से हुई है ये सब प्रकृति के अनमोल उपहार हैं, इन का संतुलन भी आवश्यक है बढ़ते हुए पर्यावरण प्रदूषण से पाँचों तत्वों का संतुलन बिगड़ गया है जिससे खुशहाली बदहाली की ओर जा रही है। आईए हम सब मिल हरियाली ला, खुशहाली निर्मित करने की सेवा करें। पर्यावरण के बढ़ते असंतुलन का कारण वनों की कमी है, उन्हें बचाना और बढ़ाना प्रत्येक मानव बन्दे का कर्तव्य, दायित्व एवं धर्म है यदि हम प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने के समुचित कदम उठाएं तो अपने बच्चों को बेहतर कल दे सकते हैं हमें प्रकृति की रक्षा कर समृद्ध एवं उन्नतिशील, स्वच्छ, स्वस्थ भारत का निर्माण करना है।

18 नवम्बर को सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी का प्राकट्य दिवस है इस पावन पुनीत उत्सव को यादगार पर्व के रूप में मनायें और एक पौधा रोपें। आज बढ़ते हुए पर्यावरण असंतुलन से आम आदमी को भोजन-पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है अतः हम सब मिल अपने-अपने नगरों में पौधा रोपें, एक व्यक्ति कम से कम एक पौधारोपण करे और उसके वृक्ष बनने तक उसकी सेवा करें तो हमारी वसुंधरा मनोरम और सुहानी होगी उर्वरता बढ़ेगी। यही नेक सन्देश सतगुरु प्रेरणा से हरेमाधव परमार्थ सत्संग समिति ने अपनी समस्त शाखाओं को दिया परम श्रद्धेय सतगुरु सांई ईश्वर शाह साहिब जी की प्रेरणा से हरेमाधव परमार्थ सत्संग समिति माधवनगर कटनी के मार्गदर्शन निर्देश पर अनेक नगरों में 50 वें प्राकट्य दिवस को समर्पित हरेमाधव वृक्षारोपण कार्यक्रम अनेक स्थानों पर आयोजित होने की सूचना प्राप्त हो रही है।रविवार 23 नवंबर को बाबा माधवशाह चिकित्सालय परिसर में जीवनमुक्त सतगुरु सांई ईश्वरशाह साहिब जी के सानिध्य में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें गुरुपिता ताराचंद पेसवानी,कटनी महापौर प्रीति सुरी, संजीवसुरी , नेहा पच्चीसिया नगर पुलिस अधीक्षक, एस.डी.ओ. फारेस्ट कार्त्तिकेय भट्ट, सुमन माखीजा, राजू माखीजा , देवानंद असरानी, सुनील हासीजा, बबल कटारिया, वरियलदास वाधवानी, भगवान दास टिलवानी, इन्द्रलाल कटारिया, करमचंद असरानी , शंकर मीहानी, सहित सैकड़ों सेवादारों ने वृक्षारोपण कर प्रकृति सेवा का पुण्य लाभ प्राप्त किया।

Exit mobile version