देवगांव में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के अंतिम दिन उमड़ा आस्था का सैलाब,रामायण हमें जीना सिखाती है:- श्री मुरारीदास जी महारा
रीठी- रीठी जनपद के ग्राम देवगांव स्थित सिद्ध बाबा पीठ,हनुमान चौकी में चल रही संगीतमय श्रीरामकथा में श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथाव्यास श्री श्री 1008 श्री मुरारीदास जी के श्रीमुख से अमृतयमयी श्रीरामकथा की रसवर्षा हुई। श्रीराम कथा के अंतिम दिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गयी। कथा व्यासजी महाराज ने अंतिम दिन की कथा में लंका दहन, राम- रावण युद्ध, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के प्रसंग का वर्णन किया व बताया कि रामायण हमें जीने का तरीका सिखाती है। रामायण हमें आदर्श, सेवा भाव, त्याग व बलिदान के साथ दूसरों की संपत्ति पर हमारा कोई अधिकार नहीं है, की सीख देती है।
इस प्रकार भगवान श्रीराम ने दीन-दुखियों,
श्री राम कथा के माध्यम से व्यक्ति को अपनी बुरी आदतों को बदलने का प्रयास करना चाहिए। राम कथा भक्त को भगवान से जोड़ने की कथा है, भगवान की कथा हमें बताती है कि संकट में भी सत्य से विमुख न हो व अपने वचन का पालन करें व माता-पिता की सेवा, गुरु जन का सम्मान, गौ माता का वास तथा ईश्वर का स्मरण जिस घर परिवार में होता है, वह स्वर्ग के समान है। कथा के दौरान रामायण पूजन व आरती के बाद भक्तजनों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
श्रीराम कथा के समापन पर आयोजन कमेटी द्वारा क्षेत्र वासियों को कार्यक्रम में सहयोग करने के लिए आभार जताया गया। इस अवसर पर बाबा रामसुजान पुजारी व श्री अशोक शर्मा पुजारी जी, सरपंच श्री लखन यादव, जमुनिया सरपंच श्रीमति इंद्रा राजू राय, जनपद उपाध्यक्ष श्री प्रकाश साहू जी, श्री नीरज पांडे, श्री कृष्ण कुमार यादव हरियाणा वाले, श्री कैलाश चक्रवर्ती, श्री रामसुजान विश्वकर्मा, श्री प्रमोद राय, श्री निर्भय यादव, गर्जन यादव, श्री लक्षण चौबे, श्री शिवकुमार श्रीवास पूर्व सरपंच हथकुरी, श्री लक्ष्मण राजभर ,शरद यादव, लखन यादव व ग्राम देवगांव, सुगवां, मूरपार, बिरुहली, हथकुरी, के आसपास व रीठी क्षेत्र के हजारों श्रोताओं की उपस्थिति रही।

