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बाहर चमकीला तारा, अंदर निगलता ब्लैक होल… नासा के टेलीस्कोप ने ढूंढा ब्रह्मांड का पहला ‘ब्लैक होल स्टार’

बाहर चमकीला तारा, अंदर निगलता ब्लैक होल... नासा के टेलीस्कोप ने ढूंढा ब्रह्मांड का पहला 'ब्लैक होल स्टार'

बाहर चमकीला तारा, अंदर निगलता ब्लैक होल... नासा के टेलीस्कोप ने ढूंढा ब्रह्मांड का पहला 'ब्लैक होल स्टार'

बाहर चमकीला तारा, अंदर निगलता ब्लैक होल… नासा के टेलीस्कोप ने ढूंढा ब्रह्मांड का पहला ‘ब्लैक होल स्टार’

नई दिल्ली: अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों को एक ऐसी बड़ी सफलता मिली है, जिसने ब्रह्मांड के शुरुआती दौर और तारों के विकास से जुड़े कई बुनियादी सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है। खगोलविदों (एस्ट्रोनॉमर्स) को अंतरिक्ष की गहराइयों में एक बेहद अनोखा ऑब्जेक्ट मिला है, जिसे ‘ब्लैक होल स्टार’ के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है ‘ब्लैक होल स्टार’ MoM-BH-1?

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष में एक बेहद चमकीली और लाल रोशनी वाला ऑब्जेक्ट खोजा है, जिसे वैज्ञानिकों ने MoM-BH-1 नाम दिया है।

इस ऑब्जेक्ट की संरचना सामान्य तारों से बिल्कुल अलग है:

  1. बाहरी रूप: यह बाहर से देखने में हमारे सौरमंडल के आकार के किसी विशाल और अत्यंत चमकीले तारे जैसा प्रतीत होता है।

  2. आंतरिक रूप (केंद्र): ‘नेचर’ जर्नल में प्रकाशित शोध के प्रमुख लेखक रोहन नायडू के अनुसार, इस ऑब्जेक्ट के केंद्र में एक विशाल ब्लैक होल मौजूद है, जो सूर्य से करीब 1,00,000 (1 लाख) गुना बड़ा है।

ऊर्जा का रहस्यमयी स्रोत

MoM-BH-1 की सबसे हैरान करने वाली बात इसकी ऊर्जा है। सामान्य तारों में ऊर्जा ‘न्यूक्लियर फ्यूजन’ (नाभिकीय संलयन) की प्रक्रिया से उत्पन्न होती है। लेकिन, इस अनोखे ऑब्जेक्ट में ऊर्जा केंद्र में मौजूद महाकाय ब्लैक होल से आती है।

इस ब्लैक होल के चारों ओर हाइड्रोजन गैस की एक बेहद घनी और विशाल संरचना बनी हुई है। केंद्र का ब्लैक होल इस पूरी संरचना को ऊर्जा प्रदान करता है, जिसके कारण यह बाहर से एक अति-चमकीले तारे जैसा दिखाई देता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इससे निकलने वाली ऊर्जा एक सामान्य तारे की तुलना में लगभग 100 अरब गुना अधिक है। इसकी रोशनी इतनी तेज है कि यह पूरी गैलेक्सी (आकाशगंगा) से भी अधिक चमकदार है।

‘लिटिल रेड डॉट्स’ की पहेली होगी हल

यह खोज ब्रह्मांड के शुरुआती दौर में दिखाई देने वाले रहस्यमयी ‘लिटिल रेड डॉट्स’ (छोटे लाल धब्बे) को समझने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जेम्स वेब टेलीस्कोप द्वारा ली गई तस्वीरों में अक्सर ऐसे कई छोटे लाल धब्बे दिखाई देते हैं, जो समय के साथ गायब हो जाते हैं। वैज्ञानिकों का अब अनुमान है कि इनमें से कुछ धब्बे वास्तव में इसी तरह के ‘ब्लैक होल स्टार’ हो सकते हैं। MoM-BH-1 की खोज से इस पहेली को सुलझाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। Tech Launch: भारत में Google Gemini AI के साथ लॉन्च हुई Haier Mini LED M70 Smart TV सीरीज, जानें कीमत और दमदार फीचर्स

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