आवाज़ से 7 गुना तेज़ स्पीड: चांद की सतह से टकराएगा 4,500 kg का रॉकेट; 5 अगस्त को बनेगा विशाल गड्ढा-जानिए क्यों चिंतित हैं वैज्ञानिक
अंतरिक्ष में भटक रहा SpaceX का 'आवारा' रॉकेट: 5 अगस्त को 8,700 किमी/घंटे की रफ्तार से चांद से टकराएगा
आवाज़ से 7 गुना तेज़ स्पीड: चांद की सतह से टकराएगा 4,500 kg का रॉकेट; 5 अगस्त को बनेगा विशाल गड्ढा-जानिए क्यों चिंतित हैं वैज्ञानिक
केप कैनावेरल: अंतरिक्ष में भटक रहा SpaceX (स्पेसएक्स) का एक पुराना और निष्क्रिय (ड्रिफ्टिंग) रॉकेट अगले कुछ ही दिनों में सीधे चांद से टकराने जा रहा है। एक साल से भी अधिक समय पहले 2 मून लैंडर्स को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक पहुँचाने के बाद खाली हुआ यह ‘आवारा’ रॉकेट अनियंत्रित होकर चांद की सतह की ओर बढ़ रहा है।
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के मुताबिक, 5 अगस्त (बुधवार) को इस रॉकेट का ऊपरी हिस्सा चांद के पश्चिमी हिस्से में स्थित आइंस्टीन क्रेटर (Einstein Crater) के पास गिरेगा।
8,700 किमी/घंटे की रफ़्तार से होगी टक्कर; बनेगा विशाल गड्ढा
अंतरिक्ष ट्रैकिंग विशेषज्ञ बिल ग्रे और वैज्ञानिकों द्वारा साझा किए गए अहम तथ्य: आवाज़ से 7 गुना तेज़ स्पीड: चांद की सतह से टकराएगा 4,500 kg का रॉकेट; 5 अगस्त को बनेगा विशाल गड्ढा-जानिए क्यों चिंतित हैं वैज्ञानिक
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आवाज़ से 7 गुना तेज़ रफ़्तार: रॉकेट लगभग 8,700 किलोमीटर प्रति घंटे (5,400 मील प्रति घंटे) की भयानक रफ़्तार से चांद की सतह से टकराएगा। यह गति हवा में आवाज़ की रफ़्तार से करीब 7 गुना ज्यादा है।
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90 फ़ीट चौड़ा गड्ढा: लॉस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी के वैज्ञानिक बेंजामिन फर्नांडो के अनुसार, इस भीषण टक्कर से चांद की सतह पर करीब 90 फ़ीट (27 मीटर) चौड़ा और 16 फ़ीट (5 मीटर) गहरा गड्ढा (Crater) बन जाएगा।
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धूल का बड़ा गुबार: ग्रैविटी कम होने और हवा न होने के कारण टक्कर के बाद मलबे और धूल का गुबार कई किलोमीटर तक अंतरिक्ष में उठेगा।
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कैमरे में कैद होगी घटना: नासा (NASA) का लूनर रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर और दक्षिण कोरिया का डानुरी लूनर ऑर्बिटर इस पूरी ऐतिहासिक घटना को अपने कैमरों में रिकॉर्ड करेंगे।
2 मून लैंडर्स को अंतरिक्ष में भेज चुका है यह रॉकेट
चांद की ओर बढ़ रहा रॉकेट का यह हिस्सा लगभग 40 फ़ीट (12 मीटर) लंबा और 4,500 किलोग्राम वजनी है। इसे 15 जनवरी 2025 को दो प्राइवेट मून लैंडर्स लॉन्च करने के लिए इस्तेमाल किया गया था-
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ब्लू घोस्ट (फायरफ्लाई एयरोस्पेस): इसने चंद्र सतह पर पहली बार पूरी तरह सफल प्राइवेट लैंडिंग की थी।
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आईस्पेस (जापानी कंपनी): यह लैंडर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। अंतरिक्ष में भटक रहा SpaceX का ‘आवारा’ रॉकेट: 5 अगस्त को 8,700 किमी/घंटे की रफ्तार से चांद से टकराएगा
भविष्य के मून मिशनों के लिए सुरक्षा चिंता बढ़ी
रिटायर्ड एस्ट्रोफिजिसिस्ट जोनाथन मैकडॉवेल और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि यह अकेली घटना कोई बड़ा संकट नहीं पैदा करेगी, लेकिन भविष्य में जब अमेरिका (NASA आर्टेमिस मिशन) और चीन इंसान को चांद पर फिर से भेजेंगे, तब अंतरिक्ष मलबे (Space Debris) का अनियंत्रित होना एक बड़ा खतरा बन सकता है।
वैज्ञानिकों के लिए यह टक्कर केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि भविष्य के चंद्र बेस और अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा को गहराई से समझने का एक महत्वपूर्ण जरिया बनेगी।








