7th Pay Commission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। महंगाई भत्ते को 38 फीसदी से बढ़ाकर 42 फीसदी कर दिया गया है। मोदी सरकार के इस फैसले से एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा। यह 1 जनवरी 2023 से जून 2023 तक के लिए लागू है। बता दें केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ता यानी डियरनेस एलाउंस और डियरनेस रिलीफ यानी महंगाई राहत की समीक्षा कर उसे बढ़ाती है।
सरकार पर वित्तीय भार
केंद्र सरकार की कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बढ़ोतरी की जानकारी दी है। अनुराग ठाकुर ने बताया कि इस बढ़ोतरी की वजह से सरकार पर 12000 करोड़ रुपये से ज्यादा का बोझ आएगा। महंगाई राहत में बढ़ोतरी का फैसला एक जनवरी 2023 से लागू माना जाएगा।
इस तारीख से लागू होगा बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता
गौरतलब है कि AICPI-IW के आंकड़ों के मुताबिक महंगाई का जोड़-घटाना करके कर्मचारियों को मंहगाई भत्ता दिया जाता है। यह हर छह माह में संशोधित किया जाता है। अब जबकि केंद्र सरकार ने जनवरी के लिए महंगाई भत्ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी का एलान किया है। ऐसे में यह भत्ता एक जनवरी 2023 से ही लागू किया जाएगा। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को दो महीने का बकाया एरियर भी मिलेगा। कहा जा रहा है कि मार्च के वेतन के साथ ही इसका भी भुगतान हो जाएगा।
कैसे तय होता है DA
महंगाई भत्ता (DA) वेतन का एक हिस्सा होता है। यह कर्मचारी के मूल वेतन यानी बेसिक का एक तय फीसदी होता है। महंगाई के असर को कम करने के लिए सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देती है। इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता है। सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित महंगाई दर को बेस मानकर महंगाई भत्ता तय करती है। इससे पहले 28 सितंबर 2022 में केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की थी। साल में दो बार महंगाई भत्ते की समीक्षा की जाती है। यह समीक्षा जनवरी और जुलाई में होती है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को लेकर भी किया बड़ा एलान
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि वैश्विक कारणों के कारण गरीब जनता पर बोझ न पड़े इसके लिए 2022 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडर और एक सिलेंडर पर 200 रुपए की सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया था। अंतरराष्ट्रीय दामों में अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है तो इस सब्सिडी एक साल तक और बढ़ाने का निर्णय किया गया है। इससे करीब 9.6 करोड़ परिवारों को फायदा मिलेगा।
जूट के MSP में 300 रुपये की बढ़ोतरी
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि पिछले वर्ष जूट का MSP 4,750 रुपए प्रति क्विंटल था, उसमें 300 रुपये की बढ़ोतरी करके इसको 5,050 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। ये लगभग औसत उत्पाद लागत में 63% मुनाफा देगा। इससे 40 लाख जूट के किसानों को फायदा मिलेगा।

