Uttarakhand के 15 हजार से अधिक पुलिस कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने इन्हें छठे वेतनमान का लाभ देने का निर्णय लिया है। कोर्ट का फैसला आने के बाद गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है,
जिसके तहत पुलिस कर्मचारियों को अब बढ़ा हुआ वेतनमान दिया जाएगा। कर्मचारियों को जनवरी 2006 से लेकर एरियर दिया जाएगा। एरियर के तौर पर इन्हें 40 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक दिए जाएंगे। राज्य सरकार किश्तों के रूप में इस रकम को अदा करेगी।
6th pay commission यह आदेश उत्तराखंड के पुलिस कर्मचारियों के लिए खुशखतनमान देने का अहम निर्णय लिया इस संबंध में शासन का आदेश जारी हो चुका है।
आदेश के अनुसार कर्मचारियों को 1 जनवरी 2006 से लगकर छबरी बनकर आया है। हाईकोर्ट नैनीताल के निर्देश के पालन में उत्तराखंड राज्य सरकार ने अब पुलिस कर्मचारियों को रिवाइज ग्रेड पे के हिसाब से छठे वेठे वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। राज्य के गृह सचिव नितेश झा ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। वेतनमान के अलावा कर्मचारियों को 5 वर्ष के एरियर का भी भुगतान किया जाएगा। इससे राज्य सरकार पर 80 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा।
इन संवर्गो के कर्मियों को मिलेगा लाभ
उत्तराखंड राज्य पुलिस विभाग में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (एम), वैज्ञानिक अधिकारी, पुलिस कांस्टेबल, पीएससी हेड कांस्टेबल, ड्रायवर, सहायक परिचालक, कर्मशाला सहायक, फायरमैन, मुख्य फायरमैन, फायर चालक, हेड कांस्टेबल नागरिक पुलिस, सशस्त्र, एमटी, पीएसी, कांस्टेबल नागरिक पुलिस आदि संवर्गों को छठे वेतनमान का फायदा मिलेगा।
2011 से चल रही थी कानूनी लड़ाई
उत्तराखंड राज्य सरकार ने वर्ष 2008 में कांस्टेबल सहित अन्य सभी को छठे वेतनमान का लाभ दिए जाने का आदेश जारी किया था। इसके बाद जब वर्ष 2011 में कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल के पदों का ग्रेड-पे बढ़ गया तो उन्होंने इस आशय की मांग उठाई कि रिवाइज ग्रेड पे के आधार पर ही एरियर का भुगतान किया जाए। जब 2008 में छठा वेतनमान मिला तब कांस्टेबल का ग्रेड-पे 1900 रुपए था लेकिन वह 2011 में बढ़कर 2 हजार रुपए हो गया। इसी प्रकार हेड कांस्टेबल का 2 हजार से बढ़कर 2400 रुपए हो गया। कांस्टेबल के बाद ग्रेड-पे के मान से जनवरी 2016 से एरियर की मांग करते आ रहे थे।
हाईकोर्ट में लगी थीं 9 याचिकाएं
वेतनमान के संबंध में हाई कोर्ट में 9 अलग-अलग याचिकाएं दायर की गईं थीं। नैनीताल हाई कोर्ट ने गत 26 अगस्त, 2015 को इन सभी याचिकाओं का निराकरण करते हुए प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि संबंधित पुलिस कर्मचारियों को वर्ष 2006 से लगाकर छठे वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। कोर्ट का कहना था कि चूंकि देय राशि बड़ी है, इसलिए हो सकता है राज्य सरकार एक बार में इसका भुगतान न कर पाए, लिहाजा इसे किश्तों में दिया जा सकता है। आखिरकार अब राज्य सरकार ने कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए पुलिस कर्मचारियों को सौगात दे दी है।