50 कारीगरों ने 20 दिन में तैयार किया 80 फुट ऊंचा रावण का विशाल पुतला
कैमोर(राजा दुबे)। कैमोर के एसीसी रामलीला मैदान में लगभग 80 फुट की ऊंचाई वाला रावण का विशाल पुतला दहन के लिए तैयार है। आधा सैकड़ा से भी अधिक कारीगरों ने दिन रात मेहनत करके महज 20 दिनों में इस पुतले का निर्माण किया है।
भगवान राम द्वारा अग्निबाण छोड़ा जायेगा
100 फुट क्षमता वाली क्रेन की सहायता से पुतले के 10 सिर लगाये गए हैं। कल विजयादशमी को रामलीला मंच से भगवान राम द्वारा अग्निबाण छोड़ा जायेगा जो आकाशमार्ग से 500 फुट की दूरी तय करता हुआ विशाल पुतले की छाती में लगेगा और अग्निबाण लगते ही एक तेज विस्फोट के साथ पुतला धू धू कर जल उठेगा। आतिशबाजी और पुतला दहन का नाज़रा देखने हजारों की संख्या में दर्शक रामलीला मैदान और इसके आस – पास बने भवनों की छत पर मौजूद रहेंगे।
परंपरा आठ दशक पुरानी
कैमोर में रावण के विशाल पुतला दहन के साथ विजयादशमी मनाये जाने की यह परंपरा आठ दशक पुरानी है। 1955 – 60 के दशक से विशाल पुतले के निर्माण का जो सिलसिला शुरू हुआ वह आज तक चलता चला आ रहा। इस बीच एसीसी कई बार बिकी।
Adani Groups अडानी समूह का स्वामित्व
कभीACC एसीसी पर Ambuja अम्बुजा का राज रहा तो कभी Holesim होलसिम और Lafaraj लाफार्ज जैसी विदेशी कम्पनियों के हाथों एसीसी की बागडोर रही। फिलहाल ACC एसीसी पर देश के सबसे बड़े Adani Groups अडानी समूह का स्वामित्व है। इतने मालिक और मैनेजमेंट बदलते रहे पर यहां दशहरे की परंपरा में कोई बदलाव नहीं हुआ। शीर्ष पदाधिकारी अपनी रुचि से इस परंपरा को गौरवशाली बनाते रहे।
पहले रावण के पुतले को सफेद वार्डर वाले काले कपड़े पहनाए जाते थे। डायरेक्टर प्लांट रहे आर एस राठौर ने काले कपड़े हटवाकर इन्हे रंगीन करवा दिया था। इस बार पुतला नीले रंग में है।
हर गतिविधि पर नज़र
दशहरे पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कलेक्टर अवि प्रसाद और एस पी अभिरंजन खुद व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर गए हैं। नवागत एसडीओपी के पी सिंह के नेतृत्व में टी आई सुदेश कुमार सुमन द्वारा लगातार मेला स्थल और रामलीला मैदान की निगरानी रखी जा रही। सीसीटीवी कैमरे जगह जगह लगाए गए हैं जिनसे हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही। अब सबको कल होने वाले पुतला दहन का इंतजार है।