मध्य प्रदेश में ‘उड़ान’ योजना के तहत बनेंगे 5 नए एयरपोर्ट; केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू ने दी हरी झंडी
भोपाल: केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत मध्य प्रदेश के हवाई बुनियादी ढांचे को बड़ा विस्तार मिलने जा रहा है। प्रदेश की 10 हवाई पट्टियों को पूर्ण एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। प्रथम चरण में सिंगरौली सहित पांच हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट बनाने की स्वीकृति केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने दे दी है।
यह निर्णय मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित विमानन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री के बीच प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
10 हवाई पट्टियों का प्रस्ताव, पहले चरण में 5 को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में स्थित हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट में बदलने का खाका तैयार किया है:
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प्रस्तावित 10 जिले: सिंगरौली, सागर, नीमच, छिंदवाड़ा, मंडला, खंडवा, रतलाम, मंदसौर, उमरिया एवं शहडोल।
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प्रथम चरण की स्वीकृति: केंद्रीय मंत्री ने सिंगरौली सहित 5 जिलों में एयरपोर्ट बनाने की स्वीकृति प्रदान की है और सिंगरौली में तुरंत भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
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प्राथमिकता वाले जिले: प्रदेश सरकार नए सिरे से प्रस्ताव भेजेगी, जिसमें औद्योगिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण दूरस्थ जिलों जैसे—सिंगरौली, शहडोल, छिंदवाड़ा और खंडवा को प्राथमिकता दी जाएगी।
शत-प्रतिशत केंद्रीय फंडिंग; ‘उड़ान’ योजना 2036 तक विस्तारित
बैठक के दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने ‘उड़ान’ योजना की अवधि को अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ा दिया है।
“उड़ान योजना अब वर्ष 2036 तक जारी रहेगी। इस योजना के अंतर्गत एयरपोर्ट निर्माण और एयर कनेक्टिविटी के विकास का पूरा वित्तीय खर्च केंद्र सरकार वहन करती है।”
— के. राम मोहन नायडू, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री
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