42nd GST Council Meeting: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर की मौजूदगी में जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक हो रही है। इस दौरान केंद्र और राज्यों के बीच क्षतिपूर्ति के मुद्दे पर बात होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, GST की इसी बैठक में क्षतिपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से प्रस्तावित दोनो मुद्दों पर अंतिम फैसला होना है। अब तक की स्थिति के मुताबिक ओडिशा और पुडुचेरी को छोड़ किसी भी गैर-BJP शासित राज्यों ने GST क्षतिपूर्ति को लेकर केंद्र के दोनो प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया है। दूसरी तरफ 21 राज्य केंद्र के 2 में से पहले प्रस्ताव पर अपनी सहमती जता चुके हैं। इस प्रस्ताव के तहत राज्यों को वित्त मंत्रालय की मदद से RBI की ओर से कर्ज दिया जाएगा, जिसे वे बढ़ी अवधि तक सेस वसूलकर चुकाएंगे।
ऐसे में केंद्र सरकार दूसरे सभी राज्यों को यह प्रस्ताव स्वीकार करने को बाध्य कर सकती है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान, पंजाब, झारखंड, दिल्ली, तमिलनाडु, तेलंगाना जैसे गैर-भाजपा शासित राज्य पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें क्षतिपूर्ति को लेकर अपने स्तर पर कोई भी कर्ज लेना स्वीकार नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से आगामी बैठक में सभी राज्यों को यह बता दिया जाएगा कि जो भी जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर पिछली बैठक में जारी प्रस्ताव स्वीकार नहीं करेंगे, उन्हें भारी वित्तीय क्षति उठाने के लिए तैयार रहना होगा। GST कानून के मुताबिक परिषद से जारी प्रस्ताव को अगर 20 राज्य स्वीकार कर लेते हैं, तो उसे बाकी राज्यों को भी स्वीकार करना होगा।
अभी तक 21 राज्यों ने इसे स्वीकार कर लिया है। ऐसे में अन्य राज्यों के पास इसे स्वीकार करने के अलावा कोई रास्ता नहीं होगा। इस प्रस्ताव के मुताबिक सभी राज्यों की तरफ से कुल 97 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेना होगा। केंद्र सरकार RBI के जरिये राज्यों को यह कर्ज उपलब्ध कराएगी। यह व्यवस्था भी की जाएगी कि इस कर्ज की अदायगी के लिए राज्य बढ़ी अवधि तक सेस वसूलें, ताकि उसका ब्याज चुकाने में कोई परेशानी नहीं हो।

