42 डिग्री तापमान के बीच तपती दोपहर में संत की अग्नि तपस्या

नीमच। ग्राम झालरी में 42 डिग्री सेल्सियस तापमान में अग्नि तपस्या कर रहे संत को देखने बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। संत का कहना है कि जन कल्याण, शांति और सद्भाव की कामना से यह तप किया जा रहा है।

नाथ संप्रदाय के अंतरराष्ट्रीय पुजारी श्री योगी गोवर्धननाथ महाराज ने 18 अप्रैल से यह तपस्या आरंभ की है। हैं। प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक वे 15 कुंडों में कंडों की अग्नि प्रज्वलित कर तपस्या और ईश्वर की आराधना करते हैं। उनके अनुसार अग्नि तपस्या के तहत कुंडों में प्रतिदिन 1-1 कंडा बढ़ाया जाता है।

तपस्या 16 मई तक चलेगी। वे पिछले छह साल से इस तरह की तपस्या कर रहे हैं। इस बार तपस्या का सातवां वर्ष है। तपस्या स्थल पर 10 मई से गुरु गोरखनाथ की कथा शुरू होगी।

कथा वाचन हरिद्वार के जोगेंद्रनाथ महाराज करेंगे। वे पीएचडी गोल्ड मेडलिस्ट हैं। संतों के अनुसार अग्नि तपस्या कई सालों तक की जाती है। इसके लिए निर्मित कुंडों में प्रतिदिन एक कंडा बढ़ाया जाता है। इससे तपस्या स्थल पर कंडों के कारण ताप भी निरंतर बढ़ता रहता है। अग्नि तपस्या को धुनी रमाना भी कहा जाता है।

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