जबलपुर. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर राज्य शासन के वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व से मतदान की समाप्ति तक अर्थात 26 नवम्बर की सायं 5 बजे से 28 नवम्बर की सायं 5 बजे तक शुष्क दिवस (ड्राय डे) घोषित किया गया है. इस अवधि में शराब की दुकानें बंद रहेगी. विधानसभा चुनाव की मतगणना के दिन 11 दिसंबर को भी शुष्क दिवस घोषित किया गया है. शुष्क दिवस घोषित करने संबंधी आदेश से समस्त जिलों को अवगत करवा दिया गया है.
आयोग ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत मतदान के दिन शराब के विक्रय, वितरण को प्रतिबंधित करते हुए संबंधित विधिक प्रावधानों का सख्ती से पालन करवाने को कहा है. किसी निर्वाचन क्षेत्र में मतदान समाप्त होने के लिए नियत समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की अवधि के दौरान मतदान क्षेत्र के भीतर, होटल, भोजनालय, पाकशाला, दुकान अथवा किसी अन्य प्रायवेट स्थल पर कोई स्पिरिटयुक्त, किण्वित या मादक लिकर अथवा वैसी ही प्रकृति का अन्य पदार्थ न तो विक्रय और न ही वितरित किया जाएगा. इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को 6 माह के कारावास की सजा अथवा दो हजार रूपए के जुर्माने से या दोनों से दण्डित किया जा सकेगा.
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत शराब की बिक्री और वितरण पर रोक लगाये जाने के साथ ही मतदान समाप्त होने के नियत समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटे की अवधि के दौरान शुष्क दिवस घोषित किए जाने की अधिसूचना भी जारी होगी. यह व्यवस्था पुर्नमतदानों के दिनों में भी लागू होगी. मतगणना के दिन भी राज्य के संबंधित कानूनों के अंतर्गत शुष्क दिवस घोषित होगा. उपरोक्त अवधि में मदिरा की दुकानें, होटल, रेस्टारेंट, क्लब एण्ड अन्य सैलिंग प्वाइंट या सर्विस प्वाइंट आदि में शराब की बिक्री अथवा शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी.
गैर मालिकाना क्लब, स्टार होटल, रेस्टारेंट आदि होटल जिनके पास विभिन्न श्रेणियों की मदिरा प्राप्त तथा प्रदाय करने का लायसेंस है, उन्हें भी उपरोक्त दिनों में शराब बेचने की अनुमति नहीं होगी. उक्त अवधि के दौरान शराब भंडारण में कटौती के निर्देश दिए गए है. बिना लायसेंस परिसर में शराब के भंडारण पर आबकारी कानून के प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराने को कहा गया है. सभी जिला कलेक्टर को आयोग के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन संपन्न हो सके. प्रवर्तन एजेंसी को इसके लिए उचित एवं कानूनी तौर पर प्रभावी कदम उठाने के लिए निर्देशित करने कहा गया है.