Site icon Yashbharat.com

कटनी में ट्रेन से उतारे गए 163 मदरसा के बच्चे: आखिर क्यों बिहार से दूर मदरसों में भेजे जा रहे थे छात्र?

Screenshot 20260419 085301 Chrome

कटनी में ट्रेन से उतारे गए 163 मदरसा के बच्चे: आखिर क्यों बिहार से दूर मदरसों में भेजे जा रहे थे छात्र?।कटनी जिले की पुलिस ने बिहार के अररिया से महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में ले जाए जा रहे 163 मुस्लिम बच्चों को अपने संरक्षण में लिया है।


इस पूरे मामले के सामने आने के बाद मानव तस्करी और बच्चों की धार्मिक शिक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

पुलिस और खुफिया एजेंसियों (आईबी) के अधिकारी इस बात की जांच में जुटे हैं कि जब बिहार में ही बड़ी संख्या में मदरसे मौजूद हैं, तो फिर इन बच्चों को हजारों किलोमीटर दूर किन कारणों से ले जाया जा रहा था। अब तक गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों से पूछताछ में भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका है। आरोपियों का कहना है कि वे स्वयं भी महाराष्ट्र और कर्नाटक के मदरसों में पढ़ चुके हैं, इसलिए बच्चों को वहीं ले जाया जा रहा था।

पुलिस ने इस मामले में मानव तस्करी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले में धार्मिक शिक्षा और संस्थागत नेटवर्क की गहरी परतें सामने आ सकती हैं।

महाराष्ट्र के मदरसों की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की टीमें महाराष्ट्र के लातूर और नांदेड़ में जांच के लिए पहुंची थीं। जांच के बाद टीम वापस लौट आई है। प्रारंभिक जांच में मानव तस्करी जैसे ठोस सबूत सामने नहीं आए हैं। जांच के दौरान मदरसों में आवासीय शिक्षा और फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की गई।

बच्चों की वापसी की प्रक्रिया शुरू

बाल कल्याण समिति (CWC) की सामाजिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बिहार के अररिया और आसपास के जिलों के बच्चों की पहचान की जा रही है। अब तक करीब 100 से अधिक बच्चों की रिपोर्ट प्राप्त हुई है, जिनको वापस बिहार भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फिलहाल सभी आठ शिक्षक कटनी में मौजूद हैं और उनसे जीआरपी द्वारा पूछताछ की जा रही है। उन्हें नोटिस देकर स्थानीय मुस्लिम समाज के सुपुर्द किया गया है।

इस पूरे मामले पर अब सभी की नजरें जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले दिनों में कई अहम खुलासे कर सकता है।

Exit mobile version