₹1.55 लाख सैलरी, फिर भी बचते हैं सिर्फ ₹5000! बेंगलुरु की CA ने बताया आखिर कहाँ गायब हो रहा है पैसा, आज के दौर में अच्छी सैलरी पाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे मैनेज करना एक बड़ी कला है। बेंगलुरु की प्रसिद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) मीनाल गोयल की एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों इंटरनेट पर सुर्खियां बटोर रही है। उन्होंने एक ऐसे शख्स का उदाहरण दिया है जो महीने के ₹1.55 लाख कमाता है, लेकिन महीने के आखिर में उसके पास मात्र 5 से 9 हजार रुपये ही बचते हैं।
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क्या भारी खर्च है वजह?
पहली नजर में देखने पर लगता है कि यह शख्स बहुत महंगी लाइफस्टाइल जी रहा है, लेकिन मीनाल गोयल ने जब इसका विश्लेषण किया तो असलियत कुछ और ही निकली।
खर्च का पूरा गणित:
- लोन की EMI: ₹70,000 (कर्ज चुकाना)
- SIP (निवेश): ₹20,000 (भविष्य की बचत)
- रोजमर्रा का खर्च: ₹60,000 (राशन, बिल, मेडिकल आदि)
- बचत: ₹5,000 – ₹9,000
खर्च नहीं, यह तो ‘एसेट’ है!
मीनाल ने समझाया कि जो ₹90,000 लोन और निवेश में जा रहे हैं, उन्हें ‘खर्च’ कहना गलत है। यह पैसा असल में भविष्य के लिए संपत्ति (Asset) बना रहा है। अगर इन दोनों को हटा दिया जाए, तो उस शख्स का असली लाइफस्टाइल खर्च सिर्फ ₹60,000 है, जो कि उसकी आय के हिसाब से बहुत ज्यादा नहीं है।
Reddit पर छलका था दर्द
यह चर्चा तब शुरू हुई जब एक Reddit यूजर ने पोस्ट किया कि परिवार की जिम्मेदारियों, मेडिकल इमरजेंसी (जैसे डिलीवरी और रिकवरी) और लोन के बोझ तले उसकी पूरी सैलरी खत्म हो जाती है। पिछले साल उसने ₹19.6 लाख कमाए, लेकिन ₹18.6 लाख खर्च हो गए।
CA की सलाह: नजरिया बदलें, तनाव घटेगा
मीनाल गोयल के अनुसार, समस्या कम बचत नहीं, बल्कि उसे देखने का तरीका है। अगर आप निवेश और लोन चुकाने को ‘खर्च’ मानेंगे, तो हमेशा तनाव में रहेंगे। इसे ‘भविष्य की तैयारी’ के रूप में देखें, तो आपको समझ आएगा कि आप आर्थिक रूप से सुरक्षित हो रहे हैं।
₹1.55 लाख सैलरी, फिर भी बचते हैं सिर्फ ₹5000! बेंगलुरु की CA ने बताया आखिर कहाँ गायब हो रहा है पैसा क्या आप भी महीने के अंत में बचत न होने से परेशान हैं? हमें कमेंट में बताएं

