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होलिका दहन के इस मुहूर्त में अपनी परेशानियों को करें अलविदा

holi

भोपाल ।  वीरवार, 1 मार्च को होलिका दहन का विशेष शुभ समय सायंकाल 7 बजकर 40 मिनट  से 8 बजकर 50 मिनट तक होगा। पंचांग के अनुसार इस वर्ष फाल्गुन पूर्णिमा का क्षय हो रहा है। इस दिन 9 बजे से सायं 7 बज कर 40 मिनट तक भद्रा रहेगी अत: इसके पश्चात ही होलिका दहन शास्त्र सम्मत होगा। होलिका दहन पर विभिन्न समस्याओं के लिए कर सकते हैं एक से अधिक विशेष उपाय

व्यापार वृद्धि तथा नजर उतारने के लिए,  दुकान, आफिस या कार्यालय में सायंकाल एक सफेद कपड़े पर गेहूं और सरसों की 7-7 ढेरियां रखें। इन पर एक-एक काली मिर्च रखें। 7 नींबू के 2-2 टुकड़े करके इन ढेरियों पर रखें। निम्न मंत्र का 7 बार पाठ करें- ओम् कपालिनी स्वाहा! पाठ समाप्ति पर इस सारी सामग्री की पोटली बनाकर लाल मौली से गांठ लगाकर बांध लें और दुकान या घर में एक सिरे से आरंभ कर के चारों कोनों पर घुमा कर बाहर ले आएं। इस पोटली को होलिका में डाल दें।

पुत्र या पुत्री से परेशानी हो या वह कहने में न हो तो सूखे प्याज, लहसुन और हरा नींबू डालें।

रोग निराकरण के लिए एक सूखा नारियल, एक लौंग, काले तिल, सरसों पीड़ित पर 7 बार उलटा घुमा कर होलिका में डालें।

यदि आपको लगता है कि किसी ने आपके उपर तांत्रिक अभिचार किया हुआ है जिसके कारण आपकी प्रगति ठप्प हो गई है तो देसी घी में भीगे दो लौंग, एक बताशा, एक पान का पत्ता होलिका दहन में अर्पित करें। दूसरे दिन वहां की राख ला के शरीर पर मलें और नहा लें।

यदि पति या पत्नी किसी के चंगुल मे है तो  होली की 7 परिक्रमा करते हुए औरत या उस पुरुष का नाम लें 7 गोमती चक्र डालते जाएं।

पिता या किसी बुजुर्ग से विवाद समाप्ति हेतु, हल्दी की 7 गांठें और एक मुट्ठी चने की दाल डालें।

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