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हिजाब की वजह से ईरान में बैन हुई खिलाड़ी अब अमेरिका के लिए खेलेगी

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तेहरान। ईरान में एक युवा महिला शतरंज खिलाड़ी को टूर्नामेंट के दौरान हिजाब न पहनने की सजा प्रतिबंध के रूप में मिली। दोरसा देराखशानी नाम की इस राष्ट्रीय चेस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिजाब पहनने से इंकार कर दिया था। हालांकि, दोरसा अब अमेरिकी टीम का हिस्सा बन गईं हैं।

दोरसा ने फरवरी में जिब्राल्टर में एक टूर्नामेंट के दौरान हिजाब पहनने से मना कर दिया था। इसके बाद उन पर यह प्रतिबंध लगाया गया था। ईरान में 1979 के बाद से महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब पहनना अनिवार्य है। दोरसा 2015 में तेहरान छोड़कर बार्सिलोना में बस गईं थीं।

ईरान चेस फेडरेशन के अध्यक्ष मेहरदाद पहलेवानजादेह ने कहा कि दोसरा ने अपना फेडरेशन बदल लिया है। अब वह अमेरिका की खिलाड़ी हो गईं हैं। ऐसा शतरंज में अक्सर होता रहता है। उन्होंने कहा वैसे भी वह हमारी नेशनल टीम का हिस्सा नहीं थीं। उन्होंने ईरान की टीम से सिर्फ 2014 में खेला था। इससे पहले दोरसा तेहरान छोड़कर 2015 में बार्सिलोना शिफ्ट हो गईं थीं। दोरसा को 2016 में वर्ल्ड चेस फेडरेशन ने महिला ग्रैंडमास्टर और इंटरनेशनल मास्टर के खिताब से नवाजा था।

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