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हायर एजुकेशन, तकनीकी शिक्षा, नगरीय विकास सहित इन 9 विभागों को लगा बड़ा झटका, अब वित्त विभाग से लेनी होगी Permission

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हायर एजुकेशन, तकनीकी शिक्षा, नगरीय विकास सहित इन 9 विभागों को लगा बड़ा झटका, अब वित्त विभाग से Permission लेना जरूरी होगा।
मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग ने उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और स्कूल शिक्षा सहित 9 विभागों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। निर्धारित किए गए बजट के आहरण पर रोक लगाई गई है। एक लिस्ट 31 मार्च को जारी हुई थी जिसे अपडेट किया गया है। अब वित्त विभाग की मंजूरी के बिना पैसा खर्चा नहीं किया जा सकेगा।

 कौन सा वित्तीय प्रतिबंध

स्कूल शिक्षा विभाग– हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में फर्नीचर, प्रयोगशाला, प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्कृष्ट विद्यालयों के अनुदान, मदरसों में गुणवत्ता परक शिक्षा एवं अधोसंरचना विकास, नवभारत साक्षरता अभियान एवं विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण पर होने वाले खर्च पर रोक लगाई गई है।
हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट– नई की शिवम स्टेशनरी की खरीदी, प्रतिभा किरण योजना, गांव की बेटी योजना, प्रयोगशाला का उन्नयन, सरकारी कॉलेजों में वर्चुअल शिक्षण व्यवस्था।
तकनीकी शिक्षा- मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, संकल्प प्रोजेक्ट, स्ट्राइव योजना, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मापदंड के अनुसार कमियों की पूर्ति, विभागीय परिसंपत्तियों का मेंटेनेंस।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग– पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के अधिभार का नगरीय निकायों को हस्तांतरण, हाउसिंग फॉर ऑल वैट क्षतिपूर्ति, स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं के लिए एकमुश्त अनुदान, वाहनों पर कर से नगरीय निकायों को सड़क मरम्मत के लिए अनुदान, शहरी स्वच्छ भारत मिशन 2.0. स्वच्छ भारत अभियान।
पर्यटन विभाग– पर्यटन क्षेत्र में प्रचार-प्रसार के लिए अनुदान, पर्यटन नीति का क्रियान्वयन पर्यावरण- एप्को को अनुदान।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग– निवेश प्रोत्साहन योजना। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग एमएसएमई प्रोत्साहन व्यवसाय निवेश संवर्धन, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना।
संस्कृति विभाग- मप्र संस्कृति परिषद, समारोह के आयोजन के लिए अनुदान।

खर्चा करने से पहले मंजूरी लेना जरूरी

अपर सचिव एवं बजट संचालक आइरिन सिंथिया जेपी की ओर से सर्कुलर जारी हुआ है। इसमें बताया गया है कि विभागों एवं योजनाओं के लिए प्रावधान इस राशि का आहरण वित्त विभाग की अनुमति के बाद ही किया जा सकेगा। संबंधित विभागों के अधिकारी बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का आहरण नहीं करेंगे। वित्त विभाग से जारी सर्कुलर में इसके लिए कोई लास्ट डेट नहीं बताई गई है।
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