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हड़ताल के बाद थमे टैंकर, पेट्रोल-डीजल की हुई किल्लत; फिर खुद सड़क पर उतर गए कलेक्टर

petrol

Hit And Run Law: सरकार ‘हिट एंड रन’ को लेकर नया कानून लाई है, जिसका ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट विरोध कर रहे हैं. ड्राइवर्स की हड़ताल की वजह से कई राज्यों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत होने लगी है. मध्य प्रदेश के सागर में भी सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ, जब आंदोलन की वजह से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बाधित हई. तब खुद कलेक्टर सड़क पर उतर गए और पुलिस सुरक्षा में टैंकर फिलिंग सेंटर पहुंचाया.

पेट्रोल-डीजल की किल्लत नहीं होगी, अफवाह ना फैलाएं: कलेक्टर

हालात को देखकर सागर के कलेक्टर दीपक आर्य ने खुद मोर्चा संभाल लिया है. जिले में बीना रिफायनरी डिपो से ईंधन आता है. इस प्रक्रिया को जारी रखने के लिए पुलिस सुरक्षा में टेंकर भेजे और जा रहे हैं. हर टैंकर के साथ पुलिस बल से तैनात किए गए हैं. पुलिस की मौजूदगी में टैंकर रिफायनरी जा रहे है और वहां से डीजल-पेट्रोल भरकर जिले के फिलिंग सेंटर तक पहुंच रहे है. ये सुरक्षा लगाने के पीछे मकसद है कि सड़कों पर आंदोलन कर रहे लोग इन टैंकर्स को रोकें न और लूटपाट न हो पाए.

खुद कलेक्टर दीपक आर्य बीना रिफायनरी पहुंचे और उन्होंने खुद डीजल पेट्रोल के टेंकर रवाना किए. बीना रिफायनरी से ही कलेक्टर ने बयान जारी किया कि आंदोलन की वजह से जिले में कहीं किसी भी प्रकार से डीजल-पेट्रोल की किल्लत नही होगी. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लोग किसी भी अपवाह में न आएं.

क्या है नया ‘हिट एंड रन’ कानून और क्यों हो रहा विरोध?

नए ‘हिट एंड रन’ का मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात, यूपी और बिहार में विरोध रहा है. इसको लेकर ड्राइवर चक्का जाम कर रहे हैं. दरअसल, सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘हिट एंड रन’ कानून में बदलाव किया है. इंडियन पीनल कोड 2023 में हुए संशोधन के बाद एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. 10 साल की सजा के प्रावधान की वजह से ही ड्राइवर परेशान हैं और विरोध कर रहे हैं.

 

 

 

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