स्वेज नहर में फंसा विशालकाय कंटेनर शिप, समुद्र में लगा भीषण ट्रैफिक जाम- देखें वीडियो
दुबई, एजेंसियां। मंगलवार को मिस्र की स्वेज नहर में एक विशालकाय कार्गो कंटेनर शिप के फंसने से भीषण जाम लग गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर इसे जल्द नहीं हटाया गया तो इस रास्ते से होने वाली वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
बता दें कि स्वेज नजर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है। इस मार्ग के जरिये एशिया से यूरोप जाने वाले जहाजों को अफ्रीका घूमकर नहीं जाना पड़ता है।
एमवी एवर गिवन नाम के इस जहाज पर पनामा का झंडा लगा हुआ है। ये जहाज एशिया और यूरोप के बीच व्यापार करता है। अभी तक इस बात का पता नहीं चला है कि जहाज नहर में कैसे फंसा।
एवरग्रीन मरीन कॉर्प्स नामक ताइवान की एक शिपिंग कंपनी इस जहाज का संचालन करती है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि जहाज ने जब लाल सागर से स्वेज नहर में प्रवेश किया तो उसी दौरान इसे तेज हवा का सामना करना पड़ा। मिस्त्र के एक अधिकारी ने भी कहा कि जहाज के नहर में फंसने की वजह तेज हवा है।
A ship, stretching more than 1,300 feet, ran aground at the Suez Canal and blocked one of the world’s most vital shipping lanes, leaving more than 100 ships stuck at each end of the canal. https://t.co/HlHo9Od9J5pic.twitter.com/eojCcoBhfs
मंगलवार को इस इलाके में तेज हवाएं चल रही थीं और रेतीला तूफान आया था। इस दौरान 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं।
एवर गिवन का प्रबंधन करने वाले बर्नहार्ड शुल्त ने कहा कि जहाज में सवार चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। मरीनट्रैफिकडॉटकॉम के मुताबिक, जहाज का अगला हिस्सा नहर की पूर्वी दीवार को छू रहा है। जबकि इसका पिछला हिस्सा पश्चिमी दीवार के काफी करीब है। कई सारे छोटे जहाज इसके चारों ओर इकट्ठा हो गए हैं और इसे आगे की ओर खींचने का प्रयास कर रहे हैं।
400 मीटर लंबा है जहाज
एवर गिवन जहाज नीदरलैंड के रोटर्डम के लिए रवाना हुआ था। 2018 में बने इस जहाज की लंबाई 400 मीटर और चौड़ाई 59 मीटर है। ये दुनिया के कुछ सबसे बड़े मालवाहक जहाजों में से एक है। इस पर एक बार में 20 हजार कंटेनर्स को लादा जा सकता है। 1869 में खुली स्वेज नहर तेल, प्राकृतिक गैस और कच्चे माल को पूर्व से पश्चिम की ओर ले जाने वाले मार्गो में से एक है। दुनिया का 10 फीसदी व्यापार इसी रास्ते से होता है। इसके जरिये मिस्र के राजस्व में बड़ा योगदान होता है।