नई दिल्ली। न्यायालय ने कॉलेज छात्रों को बड़ा झटका दिया सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका में सुनवाई के दौरान प्राईवेट कॉलेज में छूट के प्रावधन से इंकार किया और कहा कि लॉकडाउन के दौरान कोई फीस में माफी नहीं होगी ।यदि फीस नहीं ली जाऐगी तो प्राइवेट कॉलेज कैसे चलेगे। स्टाफ को मासिक वेतन कहां से दिया जा सकेगा। इसके लिए कोई प्रावधान नहीं बनाया जा सकता। आगे कहा कि यदि कोई कॉलेज फीस में छूट देना चाहे तो यह निर्णय कॉलेज का स्वैच्छिक निर्णय होगा। साथ ही कहा कि यदि कोई कॉलेज लॉकडाउन के बाद फीस लेना चाहे तो इस निर्ण्य का अधिकार भी कॉलेज का स्वयं का है। गौरतलब है किकोरोना (और लॉकडाउन के चलते उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है।
कंपनियां अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती कर रही हैं. लाखों लोगों को नौकरी भी गंवानी पड़ी है. केंद्र और राज्य सरकारें प्राइवेट स्कूलों से बच्चों की फीस न बढ़ाने की अपील कर चुकी हैं. लेकिन इस बीच देश के उच्चतम न्यायालय ने कॉलेज छात्रों को बड़ा झटका दिया है
दरअसल, प्राइवेट कालेजों में छात्रों को फीस देने में छूट दिलाने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है. कोर्ट शुक्रवार को कहा कि अगर फीस नहीं मिलेगी को कालेज कैसे चलेगें. वो अपने स्टाफ को वेतन कहां से देगें. इसपर याचिकाकर्ता ने कहा कि छात्रों और कालेज प्रशासन के बीच कुछ बैलेंस ही करवा दीजिए।
सुप्रीम कोर्ट ने इससे भी इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि संबंधित यूनिवर्सिटी से खुद बात करें। लॉकडाउन के दौरान कई छात्रों के अभिभावकों की नौकरियां चली गई हैं. ऐसे में अभिभावक प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ रहे अपने बच्चों की मोटी फीस भरने में सक्षम नहीं हैं।
ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर फीस में छूट की मांग की गई थी जिससे कोर्ट ने इनकार कर दिया है।
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