सुप्रीम कोर्ट का निर्देश, देह व्यापार में शामिल औरतों को बिना किसी पहचान पत्र के दिया जाए सूखा राशन
Supreme-Court
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि देह व्यापार में शामिल औरतों व लड़कियों से बिना किसी पहचान पत्र की मांग किए उन्हें सूखा राशन मुहैया करवाया जाए। ट्रांसजेंडर की तर्ज पर 1,500 रुपए प्रतिमाह मुहैया कराने के सुप्रीम कोर्ट के सवाल पर केंद्र के वकील ने कहा कि वह इस पर सरकार से निर्देश लेकर अदालत को सूचित करेंगे।
कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकारें राशन समेत अन्य सुविधाएं मुहैया कराने पर हलफनामा दाखिल करें। सभी राज्य सरकारें देह व्यापार में शामिल लोगों को राशन कार्ड मुहैया कराने समेत अन्य व्यवस्थाओं पर जवाब दाखिल करेंगी।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन और जिले की संस्थाओं द्वारा जिन देह व्यापार में शामिल औरतों को पहचान की गई है, उनसभी को राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रदेश सूखा राशन मुहैया कराए। कोर्ट ने यह भी कहा है कि राशन देने के दौरान सरकारी एजेंसियां राशन कार्ड मांगने पर जोर न दे।
चुनाव आयोग ने 56 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है।
56 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा, 3 व 7 नवंबर को मतदान, 10 नवंबर को गिनती
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कोरोना की वजह से भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके देह व्यापार में शामिल लोग
कोरोना संक्रमण की वजह से भूखमरी की कगार पर पहुंच चुके देह व्यापार में शामिल लोगों की समस्या पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4 हफ्ते में हलफनामा दाखिल कर यह बताने को कहा कि इन 4 हफ्तों में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों ने कितने किसानों को सूखा राशन मुहैया कराया है।
कोरोना महामारी के दौर में देह व्यापार में शामिल औरतों व लड़कियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश उनके लिए एक राहत लेकर आया है।
गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते देश में मार्च के महीने से लॉकडाउन लगा दिया गया था। वहीं, अब सरकार ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके चलते कोरोना संकट के बीच लोग धीरे-धीरे अपनी सामान्य दिनचर्या में शामिल हो रहे हैं।