भोपाल। हाईवे पर 34 मौत बांटाने वाले दर्जी के नाम से कुख्यात आदेश खांबरा पूछताछ के बाद पुलिस ने कानपुर और झांसी में छापेमारी की है।
भोपाल। हाईवे पर 34 मौत बांटाने वाले दर्जी के नाम से कुख्यात आदेश खांबरा पूछताछ के बाद पुलिस ने कानपुर और झांसी में छापेमारी की है। कानपुर से एक स्क्रैप कारोबारी और झांसी से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर भोपाल लाया गया है।
झांसी से हिरासत में लिया एक संदिग्ध फरार साहेबजी का भतीजा बताया जा रहा है। ये सभी लोग साहेबजी की तरह ट्रकों को ठिकाने लगाने में शामिल बताए जा रहे हैं। लेकिन खांबरा ने तीन में से दो संदिग्धों को पहचानने से इनकार कर दिया।
बता दें कि 34 ड्राइवर-कंडक्टरों की हत्याओं के आरोपित आदेश खांबरा के दो साथी तुकाराम और जयकरण प्रजापति जेल में बंद हैं। वहीं आदेश को 27 सितंबर तक पुलिस रिमांड लिया गया है। पूछताछ में मामले से जुड़ी लिंक कानपुर, ग्वालियर, झांसी और बिहार मिली थी।
इसमें पुलिस के सामने साहेबजी सिंह सरदार का नाम सामने आया था। वह लूटे गए ट्रकों को ठिकाने लगाने का काम करता था। उसके घर ग्वालियर के चीनौर में पुलिस ने छापा मारा था पर वह नहीं मिला। उसके बाद उसकी लिंक झांसी में मिली, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह वहां से भी चकमा देकर फरार हो गया।
साहेबजी को तलाशने झांसी पहुंची एसआईटी को वहां गैराज चलाने वाला बबलू हाथ लगा। उसने कानपुर के एक स्क्रैप कारोबारी गुरुबख्श बरार की लिंक दी, जो लूटे गए ट्रक को खपाता है। बबलू को लेकर पुलिस लौट रही थी। तभी पुलिस को पता चला कि साहेबजी सरदार का भतीजा परमजीत आया हुआ है, पुलिस ने उसे भी उठा लिया।
स्क्रैप कारोबारी को हिरासत में लेने के लिए शनिवार को कानपुर के फजलगंज में पहुंची एसआईटी को थोड़ी मुश्किल हुई। टीम सविल ड्रेस में पहुंची तो वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों को लगा कि बरार का अपहरण कर लिया गया है। हालांकि लोकल पुलिस के सहयोग से उसे हिरासत में ले लिया गया।
एसआईटी बबलू और बरार को आमने – सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है। लेकिन आदेश खांबरा ने दोनों को पहचानने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि वह सिर्फ साहेबजी सिंह को जानता है।
नए खुलासे हो सकते हैं
कुछ लोगों को एसआईटी ने हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। आने वाले दिनों में और नए खुलासे हो सकते हैं।
राहुल कुमार लोढ़ा, एसपी साउथ

