धार के पीजी कॉलेज में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस समारोह में सीएम ने कहा कि आदिवासियों को जमीन का अधिकार दिया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि जिन आदिवासियों के पास दिसंबर 2006 के पहले तक वनभूमि पर कब्जा है उन्हें उस जमीन के अधिकार का पट्टा दिया मिलेगा। सरकार अब तक 2 लाख 24 हजार वनाधिकार पट्टे वितरित कर चुकी है।

सरकार ने इसके अलावा ये सुनिश्चित किया है कि आदिवासी इलाकों में होने वाली लघु वनोपज को भी सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। महुए के फूल, नीम की निंबोली, करंजी के फूल जैसी वनोपज को तो सरकार समर्थन मूल्य पर खरीद भी रही है।

सीएम ने ये भी कहा कि सरकार ने संकल्प लिया है कि साल 2022 तक हर आदिवासी को पक्का मकान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासियों को मकान बनाने के लिए राशि देगी। इसके अलावा आदिवासी इलाकों में बिजली की भरपूर उपलब्धता हो, इसकी व्यवस्था भी होगी।

 
आदिवासी दिवस समारोह में सीएम शिवराज

अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि आदिवासियों के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर बन रहे हैं, आईआईटी में जा रहे हैं। ये देखकर अच्छा लगता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों की शिक्षा निर्बाध रहे इसके लिए सरकार उन्हें निशुल्क किताबें, साइकिल और दूसरी सुविधाएं मुहैया करा रही है।

इससे पहले अपने संबोधन की शुरुआत में सीएम ने आदिवासियों के गौरवशाली इतिहास का जिक्र किया। उन्होंंने कहा कि आधुनिकता को अपनाने के बाद भी मध्यप्रदेश में आदिवासी समाज अपनी परम्पराएं, भाषा और संकृति को भूला नहीं है। आदिवासी समाज के लिए भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या मामा, भीमा नायक, रानी दुर्गावती जैसे जननायकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। इन जननायकों के स्मारक हमारी सरकार ने बनाए। अब इनकी प्रतिमा भी लगाई जाएंगी।

 

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगे विशेष धोती और कुर्ता पहने हुए मंच पर पहुंचे। मंच पर रंजना बघेल ने सीएम और उनकी पत्नी साधना सिंह को चांदी के आभूषण भेंट किए। मुख्यमंत्री ने डेढ़ लाख स्क्वेयर फीट में तीन बड़े वाटर प्रूफ डोम में मौजूद 1 लाख से ज्यादा लोगों को संबोधित किया।

विशेष मंच पर आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई दी। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री अंतरसिंह आर्य, राज्यमंत्री लालसिंह आर्य, विधायक धार नीना विक्रम वर्मा, विधायक मनावर रंजना बघेल आदि उपस्थित रहे।