सिंहस्थ घोटाले में भाजपा सांसद डामोर पर EOW ने प्रकरण दर्ज किया

भोपाल। झाबुआ से भाजपा सांसद व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तत्कालीन प्रमुख अभियंता गुमान सिंह डामोर के खिलाफ सिंहस्थ घोटाले में प्रारंभिक जांच के बाद आखिर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन पर प्रमुख अभियंता रहते हुए सिंहस्थ के लिए 36 करोड़ रुपए की पानी की टंकी खरीदने में घोटाले का आरोप है।

प्रमुख अभियंता रहते डामोर पर पानी की टंकियों में खरीदी में है गड़बड़ी का आरोप
उन्होंने एक साइज की पानी की टंकी को दो अलग-अलग दर पर खरीदा था। यह कार्रवाई राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण यूरो ‘ईओडब्ल्यू’ ने शिकायत की जांच के बाद की है। ईओडल्यू इससे पहले भी सिंहस्थ घोटाले में चार एफआईआर कर चुका है और कई शिकायतें भी जांच के लिए दर्ज हैं। सिंहस्थ का आयोजन मध्यप्रदेश के उज्जैन में अप्रैल-2016 में किया गया था। तब डामोर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) में प्रमुख अभियंता (ईएनसी) थे।

सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाएं मुहैया कराने की मंशा से आयोजन से पहले से पानी की टंकी की खरीदी की गई थी। डामोर ने सिंहस्थ के लिए पांच हजार लीटर और दो हजार लीटर की पानी की टंकी खरीदी थी। पांच हजार लीटर वाली पानी की टंकी करीब 9 हजार (नग) और तीन सौ नग पानी की टंकी दो हजार लीटर वाली खरीदी गई थी।

पांच सौ लीटर वाली यानी एक साइज की पानी की टंकी की खरीदी दो अलग-अलग दरों पर की गई थी। एक कंपनी को 40 हजार रुपए प्रति नग की दर से भुगतान किया गया था, जबकि दूसरी कंपनी को 37500 रुपए प्रति नग की दर से भुगतान किया गया था। मजेदार बात तो यह इससे चार गुना ज्यादा क्षमता वाली यानी दो हजार लीटर की पानी की टंकी महज 15 हजार रुपए में खरीदी गई थी। पानी की टंकी की पूरी खरीदी 36 करोड़ रुपए में की गई थी।
ईओडल्यू ने पूरी जांच और तमाम दस्तावेज हासिल करने के बाद यह कार्रवाई की है। जांच से जुड़े अफसरों का कहना है कि डामोर ने खरीदी भी अपने पद के लिए तय क्षमता से अधिक में की थी। आंकड़ा पार नहीं करे, इसके लिए उन्होंने खरीदी भी किश्तों में की थी और भुगतान भी किश्तों में किया था। बताते हैं कि इसी तरह की गड़बड़ी पानी के स्टैंड खरीदने में भी की गई थी। इसको लेकर भी डामोर के खिलाफ ईओडल्यू को शिकायत की गई थी।

Exit mobile version