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सावधान-कंजेक्टिव वाइटिस ने घेरा मरीजों को, आंखे हो रही लाल तो करें यह उपाय

जबलपुर। नगर में जहां, वायरल बुखार, डेंगू और चिकनगुनिया नियंत्रण में नहीं आ पाया है। वहीं अब आंखों की गंभीर बीमारी कंजेक्टिव वाइटिस ने हमला बोल दिया है। दवाखानों ,अस्पतालों में लोग आंखों में दर्द, जलन और कीचड़ के साथ पानी आने की शिकायत को लेकर पहुंच रहे हैं। बारिश खत्म होने के बाद इस बीमारी का प्रभाव बढ़ता है लेकिन इस सीजन में अभी से कंजेक्टिव वाइटिस ने असर दिखाना शुरू कर दिया है।

गौरतलब है कि आंख संबंधी बीमारियों में से एक है कंजक्टिव वाइटिस। मुस्लिम बहुल इलाकों से इसके मरीज बड़ी संख्या में आ रहा है।यदि इस का समय पर उपचार न किया जाए तो घर के अन्य सदस्य भी इस बीमारी से घिर सकते हैं। कंजक्टिवाइटिस को साधारण बोलचाल की भाषा में आंख आना भी कहते हैं। प्रसिद्ध नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ पवन स्थापक के अनुसार वैसे तो यह रोग कभी भी हो सकता है, लेकिन बरसात के बाद इस के होने का खतरा अधिक रहता है।

कंजक्टिवाइटिस हर आयु वर्ग वालों को हो सकता है। इस बीमारी का प्रकोप 1 से 2 सप्ताह तक रहता है। यदि सावधानी बरती जाए तो बिना उपचार के ही 15 दिन में यह बीमारी ठीक हो सकती है। बेहतर होगा कि नेत्र चिकित्सक से परामर्श ले कर दवा डालें। कंजक्टिवाइटिस होने पर आंखों में दवा सावधानी से डालें। यदि घर में एक से अधिक सदस्यों को यह बीमारी है तो सभी एक ही ड्रॉपर से दवा न डालें। इसी प्रकार संङ्मीमित व्यक्ति का तौलिया, रूमाल, तकिया आदि भी इस्तेमाल न करें।

 

कंजंक्टिवाइटिस क्या है?

  • कंजंक्टिवाइटिस, कंजंक्टिवा, जो कि ऊतकों की पतली पारदर्शी झिल्ली है और आँखों की उपरी त्वचा (पलक) की भीतरी परत है तथा आँख के सफ़ेद हिस्से को ढकती है, का संक्रमण या सूजन है। कंजंक्टिवा की सूक्ष्म रक्त वाहिनियाँ सूज जाती हैं और दिखाई देने लगती हैं। इसके कारण आँखें लाल या गुलाबी दिखने लगती हैं।
  • कंजंक्टिवाइटिस, जिसे गुलाबी आँख भी कहा जाता है, खासकर बच्चों में, आँखों का एक सामान्य रोग है। यह एक अथवा दोनों आँखों को प्रभावित कर सकता है।
  • कंजंक्टिवाइटिस के कुछ प्रकार अपने आप ठीक हो जाते हैं। किन्तु शेष को चिकित्सा की आवश्यकता होती है। आमतौर पर यह आँख का साधारण संक्रमण है।

रोग अवधि

उचित चिकित्सा के साथ लक्षण एक सप्ताह में चले जाते हैं। लेकिन, कुछ मामलों में, लक्षण तीन सप्ताह तक रह सकते हैं, ऐसा उन कुछ चुनिन्दा लोगों में होता है, जो दो से तीन सप्ताह की चिकित्सा के बाद भी ठीक नहीं होते।
इस रोग से ठीक होते समय उन रोगियों को जिनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर है या जो कांटेक्ट लेंस पहनते हैं या जिनकी केवल एक आँख काम कर रही है उन्हें विशेष सतर्कता रखने की आवश्यकता होती है।

  • एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस- जब एलर्जन (हानिकारक पदार्थ) हटा दिया जाता है, ये 24 घंटे में बेहतर होने लगता है।
  • बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस- 2 से 3 दिनों में सुधरना आरंभ होता है।
  • वायरल कंजंक्टिवाइटिस-एक या दो दिनों तक रहता है और इसे किसी विशेष चिकित्सा की आवश्यकता नहीं होती।

जाँच और परीक्षण

सामान्यतया कंजंक्टिवाइटिस का निर्धारण होता है

  • लक्षणों के लिए आँख की जाँच द्वारा।
  • विजुअल एक्विटी (देखने की क्षमता) की माप।
  • कंजंक्टिवा और आँख के बाहरी ऊतकों का परीक्षण।
  • आँख के भीतरी हिस्सों का परीक्षण।
  • कंजंक्टिवा का द्रव परीक्षण हेतु लेना।

डॉक्टर द्वारा आम सवालों के जवाब

Q1.कंजंक्टिवाइटिस क्या है?
कंजंक्टिवाइटिस आँख की कंजंक्टिवल परत, जो स्क्लेरा (आँख का सफ़ेद हिस्सा) और पलक के अंदरूनी हिस्से को ढकती है, का संक्रमण या सूजन है। सामान्यतया ये बैक्टीरिया द्वारा होता है। इसके कारण आँखों से पानी आना, स्राव, धुंधला दिखाई देना और प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता बढ़ना आदि होता है।

Q2. मुझे कंजंक्टिवाइटिस कैसे हो सकता है?
आपको कंजंक्टिवाइटिस हो सकता है यदि रोग उत्पन्न करने वाला बैक्टीरिया आपके कंजंक्टिवा के संपर्क में आये। कंजंक्टिवाइटिस के रोगी के संपर्क में आने से ऐसा होने की संभावना बहुत अधिक होती है। बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस के रोगियों को रोग को फैलने से रोकने के लिए चश्मा पहनने की सलाह दी जाती है।
Q3. कंजंक्टिवाइटिस के लिए इलाज क्या है?
इलाज कारण पर निर्भर करता है। बैक्टीरिया द्वारा उत्पन्न कंजंक्टिवाइटिस का इलाज एंटीबायोटिक ड्राप से किया जाता है। एलर्जी द्वारा उत्पन्न कंजंक्टिवाइटिस का इलाज एंटी-एलर्जिक ड्रॉप्स से किया जाता है।
Q4. ठीक होने में कितना समय लगता है?
कंजंक्टिवाइटिस को ठीक होने में 3-5 दिनों का समय लगता है. आपको अपनी आँखों को कुनकुने पानी से नियमित धोने की और प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता को कम करने के लिए गहरे रंग का चश्मा लगाने की सलाह दी जाती है। कांटेक्ट लेंस से बचना चाहिए।
Q5. मैं कंजंक्टिवाइटिस को कैसे रोक सकता हूँ?
आप आवश्यक स्वच्छता बनाये रखकर और संक्रमित हाथों से आँखों को ना मसलकर कंजंक्टिवाइटिस से बचाव कर सकते हैं। कंजंक्टिवाइटिस के रोगी से निकट संपर्क से बचें।
Q6. कंजंक्टिवाइटिस की समस्याएं क्या हैं?
सामान्यतया कंजंक्टिवाइटिस बिना कोई अन्य समस्या के ठीक हो जाता है।
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