पिछले साल करीब छह करोड़ पौधे लगाने के दावे को महाघोटाला करार देकर ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ निकालने का ऐलान करने वाले पांच बाबाओं को एमपी की शिवराज सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा से नवाजा है. इन्हीं बाबाओं में से एक हैं भय्यू महाराज. NEWS18 आपको बता रहा है भय्यू महाराज के बारे में और उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास रिश्ते के बारे में.
भोपाल। भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देशमुख है. वे शुजालपुर के ज़मींदार परिवार के हैं. उन्होंने कभी ‘कमिंग होम टू सियाराम’ के लिए मॉडलिंग भी की, अब ‘गृहस्थ संत’ हैं. उनका परिवार पुणे में रहता है और वे देश भर में घूमते रहते हैं, महाराष्ट्र के संतों की परंपरा को वे नये तरीके से बढ़ा रहे हैं. कहा जाता है कि पीएम-सीएम हों या प्यून, सब से समान बर्ताव करते हैं. रोज 16 से 18 घंटे काम करते हैं.
कहा जाता है सभी पार्टियों के नेताओं से उनकी नजदीकी है, लेकिन पीएम मोदी से उनका खास संबंध है. पीएम मोदी उनसे प्रेरणा लेते हैं. कहा तो यह भी जाता है कि वे नरेन्द्र मोदी के लिए ‘नेटवर्किंग’ करते हैं.
भैय्यू महाराज ने पत्नी के निधन के बाद पिछले साल दूसरी शादी की थी. उन्होंने ग्वालियर की डॉ. आयुषी शर्मा के साथ सात फेरे लिए और परिणय सूत्र में बंधे थे. भैय्यू महाराज सोशल साइट्स पर भी काफी सक्रिय रहते हैं. उनकी वेबसाइट, फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस, लिंक्डइन, प्रिन्ट्रेस्ट, इंस्टाग्राम, अकाउंट्स काफी सक्रिय रहते हैं
स्वर कोकिला लता मंगेशकर जब इंदौर आर्इं थीं तो भय्यू महाराज से मिलीं थीं. प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति बनने के बाद इंदौर आर्इं, तब प्रोटोकॉल के कारण उनसे मिलने तो नहीं गर्इं, लेकिन उन्हें सपरिवार रेसीडेंसी कोठी के सरकारी ठिकाने पर बुला लिया.
भय्यू महाराज ‘मॉडर्न संत’ हैं. ‘उच्च जीवन, उच्च विचार’ वे मर्सीडीज़ में घूमते हैं, रोलेक्स पहनते हैं, आलीशान भवन में रहते हैं, ‘सादगीपूर्ण भव्य’ आश्रम से गतिविधियां चलाते हैं. एक बेटी कुहू के पिता हैं.
भय्यू महाराज का कहना है कि उन्होंने सेवा और ज्ञान का मार्ग चुना है. यहीं परंपरा महाराष्ट्र के संतों की रही है. उनके भक्तों की संख्या लाखों में बताई जाती है

