Site icon Yashbharat.com

शहरों में प्रतिभा की कमी नहीं, रेल कर्मचारी ने बना डाली बैटरी से चलने वाली साइकिल

cycle jbl 2018525 215629 25 05 2018

जबलपुर।शहरों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ताजा उदाहरण जबलपुर का ही देख लीजिए पेट्रोल के बढ़ते दामों से परेशान मध्य प्रदेश के जबलपुर के रेल कर्मचारी बसंत गोरे ने इसका विकल्प तलाश लिया है। उन्होंने बेटे की पुरानी साइकिल में थोड़े बदलाव कर बैटरी से चलने वाली साइकिल बना दिया।

अब वे इसी से ऑफिस आते-जाते हैं। पहले वह एक माह में पेट्रोल पर लगभग 25 सौ रुपए खर्च करते थे, अब यह खर्च महज 210 रुपए पर आ गया है। संजीवनी नगर के रहने वाले बसंत, जबलपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग में चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर पद पर हैं।

बसंत बताते हैं कि पेट्रोल की कीमत से परेशान होकर पहले उन्होंने बैटरी की बाइक लेने का मन बनाया लेकिन फिर कीमत सुन मन बदल गया। उन्होंने यूट्यूब और इंटरनेट पर इसकी तकनीक समझी और खुद ही बैटरी वाली साइकिल तैयार करने की सोची।

सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के कारण थोड़ी-बहुत तकनीकी जानकारी थी। उन्होंने पुरानी साइकिल में फेरबदल किया और पत्नी प्रीति गोरे की मदद से तीन माह में साइकिल तैयार कर ली।

एक बार चार्ज करने पर 20 किमी तक चलती है

बसंत के मुताबिक साइकिल को पॉवर देने के लिए मोबाइल में उपयोग होने वाली लीथियम बैटरी का उपयोग किया, जिसे चंडीगढ़ से तकरीबन 9 हजार रुपए में मंगवाया।

इसके बाद साइकिल के व्हील पर 350 वॉट की मोटर लगाई। इन सब पर तकरीबन 60 दिन तक प्रयोग किया और 22 से 23 हजार खर्च में इसे तैयार कर लिया। एक बार चार्ज करने पर इस पर 130 किलो का वजन लेकर 20 किमी तक चला जा सकता है।

35 पैसे प्रति किमी का खर्च

Exit mobile version