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वॉट्सऐप से चल रहा इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्न रैकेट, CBI ने किया पर्दाफाश

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नेशनल डेस्‍क। इस ग्रुप के पांच एडमिन भारत के हैं. भारत के अलावा यूएसए, चीन, मेक्सिको, अफगानिस्तान, ब्राजील, पाकिस्तान, श्रीलंका, नाइजीरिया, केन्या जैसे देशों के लोग भी इस ग्रुप में शामिल हैं.

सीबीआई ने गुरुवार को एक इंटरनेशनल चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट का पर्दाफाश किया है. यह रैकेट एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए चल रहा था जिसमें कई देशों के लोग जुड़े थे. 199 सदस्यों वाले KidsXXX नाम के इस ग्रुप में बच्चो से जुड़े पोर्न वीडियो/ फोटो शेयर किए जाते थे.

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि ग्रुप के पांच एडमिन भारत के थे जिनमें से कन्नौज के रहने वाले निखिल वर्मा को गिरफ्तार किया गया है. अन्य चार आरोपी  सत्येंद्र ओमप्रकाश चौहान (मुंबई), नफीस रेजा (दिल्ली), जाहिद (दिल्ली) और आदर्श (नोएडा) हैं. सीबीआई ने गुरुवार को आरोपियों के मुंबई, दिल्ली, कन्नौज और नोएडा में छापेमारी की. आरोपियों के घर से लैपटॉप, टैबलेट, हार्डडिस्क और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.

सूत्रों ने बताया कि आरोपियों के घरों से मिले हार्डवेयर्स में बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो और तस्वीरें हैं. आरोपियों से पूछताछ में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है.
आशंका है कि यह वॉट्सऐप ग्रुप कोई आम वॉट्सऐप ग्रुप नहीं है. इस ग्रुप में दुनिया के अलग-अलग कोने के लोग हैं, इसकी पहुंच पूरी दुनिया में है. संभावना है कि यह एक मास्टर ग्रुप की तरह काम करता था जिसमें लोग पॉर्न अपलोड करते थे और दूसरे लोग वहां से वीडियो डाउनलोड करके डिस्ट्रीब्यूट करते थे.

भारत के अलावा यूएसए, चीन, मेक्सिको, अफगानिस्तान, ब्राजील, पाकिस्तान, श्रीलंका, नाइजीरिया, केन्या जैसे देशों के लोग भी इस ग्रुप में शामिल हैं.

ऐसे हुआ ग्रुप का पर्दाफाश
इंटेलिजेंस इनपुट मिलने के बाद सीबीआई ने न ही अंडरकवर रहते हुए ग्रुप जॉइन किया और न ही ऐप को सर्विलांस पर रखा. सीबीआई ने ग्रुप एडमिन के आईपी एड्रेस को टारगेट किया और कुछ समय तक उस पर नजर रखी.

इस जांच से जुड़े अधिकारियों ने न्यूज 18 को बताया कि इस ग्रुप में कई देशों के लोग जुड़े हैं और चाइल्ड पोर्न को लेकर पूरी दुनिया की चिंता को देखते हुए उन्हें उम्मीद है कि उन देशों की एजेंसियां जांच में भारत की सहायता करेगी.

फिलहाल जांच शुरुआती स्तर पर है. ग्रुप के सदस्यों को ट्रैक करने के बाद सीबीआई उनकी डिटेल के लिए इंटरपोल (इंटरनेशनल पुलिस) की मदद ले सकती है. इस स्टेज पर अमेरिका में जांच के लिए एफबीआई से संपर्क किया जा सकता है.

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