जबलपुर नगर प्रतिनिधि। धान की सरकारी खरीदी से संकट के बादल हटते नहीं दिख रहे है। इसका कारण है प्रशासन और वेयर हाऊस मालिकों के बीच चल रहा विवाद जिस पर कलेक्टर ने मध्यस्थ करते हुए दो दिन पूर्व एक रास्ता निकालनें की कोशिश की थी। जिस पर दोनों पक्ष सहमत भी हो गये थे। लेकिन मार्फेड के एमडी कलेक्टर के सामने वादा करने के बाद एक बार फिर पलट गये।
ये था फार्मूला
कलेक्टर ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद कहां था कि मार्फेड धान तीन महिनें के अंदर गोदामों से धान उठा लेगा लेकिन तीन माह तक धान नहीं उठाई गई तो पांच प्रतिशत की घटी मान्य होगी। जिस पर मार्फेड के डीएम ने तीन महिने में धान उठाने की बात पर सहमति दी थी और अगले दिन एसोसिएशन के लोगों को कार्यालय बुलाया था। लेकिन कार्यालय पहुंचने पर डीएम ने इस तरह का काई भी आश्वासन लिखित में देने से इंकार कर दिया।
वादा करके पलटे डीएम

