भोपाल : प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अफसर दीपाली रस्तोगी के लेख से फिर विवाद खड़ा हो गया है। अखबारों में लिखे इस लेख में उन्होंने आईएएस अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने है
कि अब अच्छे आईएएस अधिकारी की परिभाषा बदल चुकी है। अच्छा अधिकारी उसी को माना जाता है जो नेता की इच्छा के हिसाब से काम करता है।
दीपाली आगे लिखती हैं, नेता के मुंह से जो शब्द निकले उसके हिसाब से अफसर अपनी योजनाएं बनाएं, अच्छा आईएएस अधिकारी वही होता है जिसका अपना कोई मत नहीं होता। अगर होता भी है तो वो उसे कहता नहीं है अपने मन में सीमित रखता है। पिछले कुछ साल में नौकरशाही और राजनीति, सही और गलत, सच और झूठ के बीच की लकीरें हल्की होती जा रही है। आईएएस अफसर अपनी सोच खोते जा रहे हैं। इस लेख में दीपाली रस्तोगी की वरिष्ठ अफसरों के खिलाफ नाराज़गी साफ नज़र आ रही है।
दीपाली इस लेख की वजह से एक बार फिर भाजपा और नेताओं के निशाने पर आ गई है। उनके इस तरह से सवाल खड़े करने पर शिवराज सरकार के मंत्री ने जवाबी हमला किया है। मंत्री लाल सिंह आर्य ने उनकी इस सोच को गलत बताया है। वे इससे पहले पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट खुले में शौच मुक्त भारत के संबंध में लेख लिखकर भी वो विवाद में पड़ चुकी हैं।

