Ananya Birla Story: लाडली का कमाल, बिरला गर्ल के इरादे फौलादी, मेहनत से किया इस कंपनी का टेकओवर। कहते हैं कि अगर इरादे फौलादी हों. संघर्ष और रिस्क लेने की क्षमता हो तो बड़े से बड़े मकसद को हासिल किया जा सकता है. कोई भी राह मुश्किल नहीं है बस आप ठान लें जो काम कर रहे हैं उसे शिद्दत के साथ निभाना है। जब बड़े बड़े औद्योगिक घरानों की चर्चा होती है तो बिरला ग्रुप का नाम अपने आप सबकी जुबां पर आ जाता है।
यहां हम बात करेंगे बिरला वंश की पांचवीं पीढ़ी से नाता रखने वाली अनन्या बिरला(स्वतंत्र माइक्रोफिन की मालकिन) की। अनन्या की कंपनी ने हाल ही में अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट का अधिग्रहण कर गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी (NBFC)सेक्टर में नंबर दो की पोजिशन पर पहुंच गई हैं।
17 की उम्र में बनायी कंपनी
कमोडिटी टाइकून कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी अनन्या बिड़ला ने महज 17 साल की उम्र में माइक्रोफाइनेंस कंपनी स्वतंत्र माइक्रोफिन शुरू की थी. चैतन्य इंडिया फिन क्रेडिट के अधिग्रहण के साथ ही गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी बैनर के तहत माइक्रोफाइनेंस संस्थानों में दूसरा सबसे बड़ा खिलाड़ी बना दिया. इस अधिग्रहण के साथ स्वतंत्र की आर्थिक ताकत अब 130 बिलियन रुपये (1.6 बिलियन डॉलर) तक पहुंच जाएगी. अधिग्रहण के ठीक बाद एक ट्वीट में कहा कि अब हम नंबर 1 बनने की कोशिश में जुटे हुए हैं.

