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लघु जगन्नाथपुरी में तब्दील हुई संस्कारधानी-प्रजा का हाल जानने , दर्शन देने निकले जगत के नाथ

jagannath

जबलपुर। रिमझिम फुहारों के बीच शहर में 250 साल पुरानी परम्परा के अनुसार आज आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर जगन्नाथपुरी की तर्ज पर संस्कारधानी में भी जगन्नाथ रथयात्रा पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ निकाली जा रही है। ढोल नगाड़े, बैण्ड बाजा, भजन कीर्तन और प्रभु का गुणगान करते हुए रथयात्रा बड़े फुहारा से प्रारंभ होकर हनुमानताल में समाप्त होगी।

आज निकलने वाली इस रथयात्रा में मुख्य रूप से जगदीश मंदिर, गढ़ाफाटक के प्राचीन रथ को आकर्षित साज सज्जा से सजाया गया है। जिसमें भगवान जगन्नाथ उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र विराज कर नगर भ्रमण पर निकल रहे हैं। इसके अलावा जगदीश मंदिर, घमंडी चौक, जगदीश मंदिर हनुमानताल, जगन्नाथ मंदिर बंगाली क्लब, जगन्नाथ मंदिर सूजीपुरा के रथ भी रथयात्रा में शामिल हुए। मंदिर समितियों के अनुसार ढाई सौ सालों से अधिक समय से रथयात्रा आस्था और उमंग के साथ निकाली जा रही है। मंदिर प्रांगणों में बड़े-बड़े गंजों में भगवान का महाभोग तैयार किया गया है जो शोभायात्रा मार्ग पर भक्तों को वितरित किया जायेगा। श्री जगन्नाथ स्वामी कर्मा माई ट्रस्ट घमंडी चौक के द्वारा निकाले जाने वाले रथयात्रा तीन बजे गाजेबाजे के साथ आरंभ होगी। यात्रा मार्ग में समिति के द्वारा 101 किलो भात का प्रसाद और 3 क्विंटल बूंदी का प्रसाद वितरित किया जायेगा। भगवान को ढाई किलो चांदी का मुकुट भी अर्पित किया जायेगा। बड़े फुहारे पर पंचकोषी परिक्रमा समिति के द्वारा सायं 4 बजे भगवान जगन्नाथ जी की महाआरती की जायेगी। सिटी बंगाली क्लब करमचंद चौक से शाम 5 बजे रथयात्रा आरंभ होगी, वहीं देवेन्द्र बंगाली क्लब जीसीएफ स्टेट के तत्वावधान में रथयात्रा निकाली जायेगी। संस्था प्रांगण के रथयात्रा आरंभ होकर काली मंदिर रांझी में समाप्त होगी। सूजीपुरा स्थित जगन्नाथ मंदिर से भी भव्य रथ में भगवान विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे और प्रजा को न केवल दर्शन देंंगे बल्कि उनके हाल भी जानेंगे। जगदीश मंदिर, हनुमानताल द्वारा भी रथयात्रा मुख्य समारोह में निकाली जायेगी। विभिन्न मंदिरों से निकलने वाले रथ घमंडी चौक स्थित जगदीश मंदिर में एकत्र होंगे और फिर वहां से सामूहिक शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों का भ्रमण करते हुए अपने गंतव्य की ओर रवाना होगी। रथयात्रा के समापन के उपरांत भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर में विश्राम करने के बाद वापस अपने मुख्य मंदिरों में लौंटेंगे और फिर वर्ष भर मंदिरों में भक्तों को दर्शन देंगे।
रथयात्रा में जगदीश मंदिर से निकलने वाली यात्रा के ढाई सौ वर्ष पूर्ण हो चुके हैं और आज 251वां वर्ष है। ढाई सौ वर्ष पूरे होने पर भक्तों में एक अलग ही उत्साह का वातावरण देखा जा रहा है। इसी तरह जगन्नाथ स्वामी मंदिर घमंडी चौक, जगदीश मंदिर, हनुमानताल, सूजीपुरा स्थित जगन्नाथ मंदिर, बंगाली क्लब के रथ शोभायात्रा में आकर्षण का केन्द्र रहे।
रथयात्रा के दौरान चाक चौबंद व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
कलेक्टर छवि भारद्वाज ने आज निकलने वाली भगवान जगन्नाथ जी रथयात्रा के दौरान शहर में शांति, सुरक्षा तथा कानून बनाये रखने के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारियों की तैनाती की है। इस बारे में जारी एक आदेश के मुताबिक एसडीएम गोरखपुर मनीषा वास्कले को संपूर्ण शोभायात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इस कार्य में उनके सहयोग के लिए तहसीलदार जबलपुर तृप्टि पटेरिया को तैनात किया गया है। आदेश में तहसीलदार मुनव्वर खान को संपूर्ण कोतवाली क्षेत्र, तहसीलदार शैलेष द्विवेदी को गोरखपुर क्षेत्र, तहसीलदार नीरज तखरया को ओमती क्षेत्र, तहसीलदार श्यामसुंदर आनंद को गोरखपुर क्षेत्र, तहसीलदार स्वाति आर्य सूर्या को रांझी क्षेत्र में व्यवस्था बनाये रखने का दायित्व सौंपा गया है।
यात्रा के मद्देनजर डायवर्सन प्वाइंट्स बनाये
जगन्नाथ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिए यातायात पुलिस ने 18 डायवर्सन प्वाइंट्स बनायें हैं। इनमें कछियाना, तुलाराम चौक, पुरानी फूल मंडी, शंकर घी भंडार, भार्गव चौक, बड़े महावीर, बल्देवबाग, पांडे चौक, विजय कटपीस, खटीक मोहल्ला, दीक्षितपुरा, शाह बाबा तिराहा, तमरहाई, हनुमानताल, मिलौनीगंज के आगे घोड़ा नक्कास, और भानतलैया शामिल हैं। इन डायवर्सन प्वांइट्स से कोई वाहन यात्रा मार्ग पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यात्रा जगदीश मंदिर गढ़ाफाटक से होते हुए बड़े महावीर, बड़ा फुहारा, कोतवाली, मिलौनीगंज पहुंचेगी। मुख्य मार्ग को किसी भी प्रकार के वाहन से मुक्त रखा गया है।

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