लक्षण प्रकट होने से दो-तीन दिन पहले कोरोना के मरीज वायरस फैलाते हैं: अध्ययन

बीजिंग, एजेंसी। कोरोना वायरस के लक्ष्‍ण प्रकट होने के बाद महामारी पर अंकुश लगाना थोड़ा मुश्किल होता है। यह बात एक अध्‍ययन में सामने आई है। इस अध्‍ययन रिपोर्ट का कहना है कि वायरस के लक्ष्‍ण दिखने के दो से तीन दिन पहले संक्रामक रोगी से प्रसार पर अंकुश लगाया जा सकता है। जर्नल नेचर मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन में उल्लेख किया गया है कि कई कारक कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए डिज़ाइन किए गए नियंत्रण उपायों के प्रभाव को प्रभावित कर सकते हैं।

एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने चीन के गुआंगझू में पीपुल्स अस्पताल में भर्ती कोरोना के 94 रोगियों में वायरल शेडिंग के अस्थायी पैटर्न का आकलन किया। उन्होंने इन रोगियों से गले में खराबी का विश्लेषण किया, जब लक्षण 32 दिन बाद पहली बार दिखाई दिए। वैज्ञानिकों ने बताया कि इनमें से प्रत्येक जोड़े में स्पष्ट महामारी लिंक के साथ कोरोना के दो रोगी शामिल थे, जिनमें से एक मरीज के संक्रमित होने की संभावना थी। यहां से शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि लक्षणों के प्रकट होने से 2 से 3 दिन पहले संक्रामकता शुरू हो गई थी और उनके प्रकट होने से पहले 7 दिनों तक चरम पर थी। उनके अनुमान से पूर्व-रोगसूचक चरण के दौरान 44 प्रतिशत माध्यमिक मामलों को संक्रमित किया गया था, जिसमें संक्रामकता के सात दिनों के भीतर जल्दी कम होने की भविष्यवाणी की गई थी।

दुनियाभर में एक लाख बीस हजार से ज्यादा लोगों की मौत

कोरोना महामारी से अब तक दुनियाभर में एक लाख बीस हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 70 फीसद मौतें अकेले यूरोप में हुई हैं। यूरोप के पांच बड़े देश इटली, स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी सर्वाधिक प्रभावित हैं। अमेरिका और इटली के बाद सर्वाधिक प्रभावित स्पेन में मृतकों की संख्या 18 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। स्पेन में पिछले चौबीस घंटों में 567 और लोगों की मौत हुई। संक्रमण के 3,045 नए मामले भी सामने आए हैं। देश में संक्रमितों की संख्या एक लाख 72 हजार से ज्यादा हो गई है। इसके बावजूद स्पेन में इमरजेंसी कोआर्डिनेटर फर्नाडो साइमन ने कहा, मौजूदा आंकड़ें दिल को सुकून देने वाले हैं। जर्मनी में संक्रमण के 2,082 नए मामलों का पता चला है। वहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर एक लाख 30 हजार से ज्यादा हो गई है।

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