Site icon Yashbharat.com

राहुल नहीं राहु से डरी भाजपा कर रही ये उपाय! इसलिये मांगा 2 बजे तक का समय

2018 5image 14 12 096800000rahu ll

ज्‍योतिष डेस्‍क।   कल दिनांक 15 मई 2018 को शनि जयंती और वट सावित्री के पर्व पर भाजपा को कर्नाटक में आज तक की सबसे बड़ी जीत हासिल हुई है। कर्नाटक के विधानसभा की 225 सीटों पर लड़े गए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी सर्वाधिक बड़े विजयी दल के रूप में सामने आया है। भाजपा ने 104 सीटों पर जीत हासिल की है। इसके साथ में दो निर्दलीय और अन्य दलों की मदद भी हासिल कर ली जाए तो भी भाजपा बहुमत से लगभग 6 सीटे पीछे रह जाता है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के पास 2 विकल्प रह जाते हैं पहला जे. डी. एस से भारी समर्थन लेकर सरकार का नि्र्माण करे अथवा दोनों विपक्षी राजनीतिक दलों में से किसी भी एक दल में से एक तिहाई विधायक छोड़ कर नए दल का निर्माण करवाए।

वर्तमान में ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अधिक मास की शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में सरकार का बनना लंबे समय तक स्थाई तिव नहीं देता परंतु वर्तमान ग्रहों की गोचर स्थिति जोड़-तोड़ की राजनिति को संबोधित करती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता द्वारा महामहिम राज्यपाल से 2 बजे तक का समय मांगा गया है।

भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार येदियुरप्पा राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं। ऐसे में 2 बजे तक का समय मांगना ज्योतिष दृष्टिकोण के लिहाज से उचित रहा है।

पंचांग प्रणाली के द्वारा तथा बैंगलोर के रेखांश और अक्षांश के आधार पर राहूकाल दोपहर 12.16 मिनट से लेकर दिन को 1.50 मिनट तक रहेगा। दोपहर को 2.28 मिनट से लेकर शाम को 4.20 मिनट तक का समय आज के मुहूर्त के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ है। दक्षिण ज्योतिष पद्धति के अनुसार अग्निवास दोपहर दो बजकर 28 मिनट पर समाप्त हो रहा है तथा दोपहर 2.28 के पश्चात में शुभ योग और सिद्धि योग भी रहेगा। दोपहर को इस समय के बाद एकम तिथि समाप्त हो जाएगी और द्वितीया तिथि का उदय होगा। शुक्ल पक्ष में द्वितीया तिथि को अमृतकारिणी कहा गया है। ऐसे में बुधवार के दिन चन्द्रमा का उदय होना शुभ और सिद्धि योग इसी ओर इशारा करता है। यह सब राजनितिक उठा-पटक ज्योतिषीय मापदंडों के आधार पर की जा रही है। जो हर प्रकार से वर्तमान समय के हिसाब से सर्वश्रेष्ठ है। ऐसे में कहा जा सकता है की राहूल नहीं राहुकाल भाजपा की सोच पर भारी पड़ गया।

Exit mobile version