भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ की उस चिट्ठी पर एमपी की राजनीति में बवाल मच गया है. जिसे उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को लिखा और वो चिट्ठी लीक हो गई. कमलनाथ ने दिवंगत कांग्रेस नेता सुभाष यादव की बरसी पर राहुल गांधी को खरगोन के कसरावद में आमंत्रित किया है. इस चिट्ठी को BJP ने मुद्दा बना लिया है कांग्रेस पर सवाल खड़े किए हैं.
दरअसल, इस चिट्ठी में कमलनाथ ने राहुल को बरसी पर आमंत्रित करते हुए लिखा है कि ‘स्व. सुभाष यादव मध्यप्रदेश के पूर्व उप मुख्यमंत्री और प्रमुख ओबीसी नेता रहे हैं. 26 जून को खरगोन जिले के कसरावत में उनकी बरसी का कार्यक्रम है. मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में ओबीसी वर्ग के लोग रहते हैं, इस कार्यक्रम में भी भारी संख्या में लोगों के शामिल होने का अनुमान है. चुनाव के मद्देनजर ये निमाड़-मालवा क्षेत्र का महत्वपूर्ण कार्यक्रम होगा, जिसमें 61 एसेंबली सीटें शामिल हैं’. कमलनाथ ने लिखा है कि आपसे निवेदन है कि ‘संविधान बचाओ-देश बचाओ’ नाम के इस कार्यक्रम में शामिल हों.
बताया जा रहा है कि ये पत्र कांग्रेस के किसी बड़े नेता ने कमलनाथ से ये चिठ्ठी लिखवाई और उसके बाद पत्र मीडिया में सार्वजनिक कर दी, इसके बाद कांग्रेस में हड़कंप मच गया. हालांकि अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है.
वहीं कमलनाथ की चिट्टी पर BJP ने आरोप लगाया कि कमलनाथ द्वारा राहुल गांधी को लिखे पत्र से उजागर होता है कि कमलनाथ स्वर्गीय सुभाष यादव जी को केवल वोट बैंक का कारण मानते हैं. भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस उनके पुत्र अरुण यादव सचिन यादव और पूरे यादव समाज का अपमान कर रही है. वह स्वर्गीय सुभाष यादव जी की श्रद्धांजलि सभा को भी वोट बैंक का कारण मानती है. यह सरासर स्वर्गीय सुभाष यादव जी का भी अपमान है.
उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग का लगातार अपमान और भेदभाव करने वाली कांग्रेस की असलियत गाहे बगाहे उजागर हो ही जाती है. कमलनाथ की अध्यक्षता में कांग्रेस के ही पिछड़े वर्ग के नेताओं अपमान लगातार हो रहा है.
